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मौसमी बीमारियों ने पसारे पांव, वायरल फीवर ने किया बेहाल

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11. सुल्तानपुर जिला अस्पताल में जांच के लिए लगी भीड़। - फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। कोरोना संक्रमण के बीच लोग अब वायरल फीवर का शिकार हो रहे हैं। शहर से लेकर गांवों तक बुखार का प्रकोप फैला है। अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।
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वायरल बुखार को कोरोना समझ कर लोग सहमे हैं। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि सामान्य खांसी-बुखार को लेकर कोरोना का भ्रम न पालें। मौसमी बदलाव के कारण वायरल बुखार हो रहा है। इसमें घबराने की नहीं बल्कि इलाज की जरूरत है।
जिला अस्पताल में सोमवार को भी मरीजों का तांता लगा रहा। जिला अस्पताल में 1415 लोगों ने पंजीयन कराकर ओपीडी में चिकित्सकों को दिखाया। जिला अस्पताल पहुंचे करीब ढाई सौ मरीज वायरल फीवर के मिले।
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अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों ने चिकित्सक को बताया कि उन्हें बुखार के साथ ही गले में दर्द, सिर दर्द, जोड़ों में दर्द व आंखे लाल होने की शिकायत है। कई मरीजों की ओपीडी में बैठे चिकित्सकों ने खून की जांच कराई। हालांकि जांच में वायरल फीवर की पुष्टि होने के बाद उन्हें जिला अस्पताल से ही दवाएं दी गईं। सीएचसी व पीएचसी में भी प्रतिदिन सैकड़ों बुखार पीड़ित उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
150 लोगों के खून की हो रही जांच
सुल्तानपुर। जिला अस्पताल के पैथॉलाजिस्ट डॉ. एसके पांडेय ने बताया कि प्रतिदिन करीब 150 लोगों की खून की जांच की जा रही है। अधिकांश लोग वायरल फीवर के मरीज हैं। हालांकि खुशी की बात ये है कि अभी तक एक भी मरीज मलेरिया और डेंगू का नहीं मिला है।
चिकित्सकों का किया गया अलर्ट: सीएमओ
सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी की मानें तो ऐसे मौसम में पेट में संक्रामण संबंधित बीमारियां तो पनपती ही हैं, साथ ही मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। लिहाजा इस दौरान लोगों को सर्तक रहने की जरूरत है। जिला अस्पताल में प्रबंधन वार्ड बनाया गया है। सीएचसी व पीएचसी पर सभी चिकित्सकों को अलर्ट किया गया है। लोगों को हिदायत दी गई है कि ड्यूटी पर मौजूद रहें। किसी भी सीएचसी अथवा पीएचसी पर चिकित्सक नदारद मिलेंगे तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वायरल बुखार, कोरोना के लक्षण अलग-अलग
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. मनीष यादव ने बताया कि नॉर्मल फ्लू में सर्दी, जुकाम, बदन दर्द, बुखार जैसे लक्षण होते हैं, जबकि कोरोना वायरस की वजह से सूखी खांसी, सांस लेने में दिक्कत, गले में चुभन जैसी परेशानी होती है। इसके अलावा गंध और स्वाद महसूस न होना भी कोरोना का लक्षण है। मरीज की सुनने की क्षमता पर भी प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में घबराएं नहीं। लक्षणों के आधार पर कोरोना की जांच कराई जाती है। जांच में निगेटिव आने पर पता चलता है कि नॉर्मल फ्लू है।
बच्चों का रखें खयाल
डॉ. सुधाकर सिंह ने बताया कि ऐसे मौसम में बच्चों का खास खयाल रखने की जरूरत है। अगर घर में कोई सदस्य वायरल से पीड़ित है तो बच्चे को उसके संपर्क में न आने दें। क्योंकि बच्चे वायरल के जल्दी शिकार हो जाते हैं। कूलर, एसी में बच्चों को न सुलाएं। अगर कोई बच्चा बुखार से पीड़ित है तो उसे तुरंत ही चिकित्सक को दिखाएं।
दूषित पानी से भी होती है बीमारी : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एससी कौशल बताते हैं कि पीने का पानी दूषित होने पर कई बीमरियां चपेट में ले सकती हैं। ये बीमारियां गंदे पानी में रहने वाले छोटे-छोटे जीवाणुओं के कारण होती हैं, जो गंदे पानी के साथ ही हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। ऐसे पानी की वजह से होने वाली बीमारियों के कई कारक हो सकते हैं, जिनमें वायरस, बैक्टीरिया, प्रोटोजोआ और पेट में होने वाले रिएक्शन प्रमुख हैं।
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