धम्मौर (सुल्तानपुर)। जून महीने की शुरुआत में ही कई किसानों ने धान की नर्सरी डाल दी। माइनरों में पानी न आने से नर्सरी सूखने लगी है। सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते माइनरों में पानी नहीं है, नहरें सूखी पड़ी हैं। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
धम्मौर क्षेत्र के माइनर का भी कुछ ऐसा ही हाल है। इस दिनों माइनर में धूल उड़ने से धान की नर्सरी सूख रही है। क्षेत्र में शारदा सहायक नहर से रेवती का पुरवा गांव के पास से परवरभार, करमपुर होते हुए धरमैतेपुर, रसवादा समेत कई गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है। माइनर में पानी होने पर इन गांव के सैकड़ों किसानों को सिंचाई करने में सहूलियत होती है। इससे फसलें लहलहा उठती हैं।
माइनर में पानी न होने से नर्सरी डालने में विलंब के साथ ही कई किसानों की फसल भी सूख रही है। भीषण गर्मी के बीच फसल की सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरूरत है। बावजूद इसके लिए विभागीय लापरवाही के चलते मानर व नहर में धूल उड़ रही है। गांव के कई किसानों ने बताया कि डीजल के भाव आसमान छू रहे हैं। इसके चलते किसान नहर की ओर आस लगाए बैठे हैं।