सुल्तानपुर। रोडवेज बसों की लाइव लोकेशन की जानकारी यात्रियों को देने का इंतजाम पहले दिन ही डिपो में धड़ाम हो गया। डिपो में शनिवार को पहुंचे यात्रियों को न तो बसों की लाइव जानकारी मिली और न ही उनकी लोकेशन ही पता चल सकी। यात्रियों को डिपो में लगी एलईडी स्क्रीन पर दिनभर यातायात के नियमों की जानकारियां देते ही देखने को मिलीं। कई यात्री बसों के बारे में पूछताछ केंद्र का चक्कर लगाते रहे। वहां भी उन्हें बसों की सही स्थिति के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी। इसकी वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
परिवहन निगम ने यात्रियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन शेड्यूल के अनुसार बसों का संचालन करने की योजना बनाई है। इसके तहत शनिवार से बस स्टेशन पर लगी एलईडी स्क्रीन पर बसों के पहुंचने व छूटने का समय यात्रियों को दिखाए जाने का इंतजाम किया जाना था। नई व्यवस्था में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बसों की लाइव लोकेशन का पता चलना था। इसके लिए बसों में जीपीएस सिस्टम इंस्टाल किए जाने थे, जो सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े रहते।
निगम ने इसके लिए सभी बस स्टेशनों के क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देश जारी किया था। आदेश पर डिपो से संचालित विभिन्न रूटों की बसों का डेटा फीड करवा दिया गया है। इसके बाद भी शनिवार को बसों की लाइव लोकेशन की व्यवस्था डिपो में लागू नहीं हो सकी। दोपहर में बस का इंतजार करने वाले यात्रियों ने बताया कि एलईडी स्क्रीन पर लाइव लोकेशन की बात तो दूर यहां पूछताछ केंद्र पर भी सही समय नहीं पता चलता है।
सुल्तानपुर डिपो के एआरएम विनोद शुक्ल ने बताया कि परिवहन निगम के सभी डिपो से बसों के संचालन की रिपोर्ट मांगी गई थी। अभी नौ डिपो की रिपोर्ट मुख्यालय नहीं भेजी गई है। इस वजह से शनिवार से बसों की लाइव लोकेशन की व्यवस्था लागू नहीं हो सकी। एक-दो दिन में निर्देश आने की उम्मीद है।
पूूछताछ केंद्र में धूल खा रही डिवाइस
एलईडी स्क्रीन के साथ जो डिवाइस लगनी थी, वह डिपो में पहुंच गई है। डिवाइस व उसके साथ आई बैटरी को डिपो के पूछताछ केंद्र में रखा गया है। डिवाइस अभी धूल खा रही है।
132 में 40 बसों में लगे जीपीएस सिस्टम
डिपो के बेड़ेे में 132 बसें शामिल हैं। इसमें 60 बसें अनुबंधित और 72 निगम की हैं। परिवहन निगम के निर्देशानुसार सभी बसों में जीपीएस सिस्टम इंस्टाल किए जाने थे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अभी तक निगम की मात्र 40 बसों में ही जीपीएस सिस्टम लगे हैं। इसकी डिपो से कनेक्टिविटी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
20 हजार यात्री झेल रहे परेशानी
रोडवेज अधिकारियों की मानें तो सुल्तानपुर डिपो से विभिन्न रूटों पर प्रतिदिन 15-20 हजार यात्री सफर करते हैं। इन्हें रोजाना बसों के आवागमन की जानकारी को लेेकर परेशानी होती है। कई यात्रियों को गंतव्य तक जाने के लिए घंटों बसों का इंतजार करना पड़ता है। फिर भी उन्हें सही स्थिति नहीं पता चल पाती है।