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Sultanpur News: झोलाछाप की लापरवाही ने ले ली मासूम की जान

Thu, 11 Jan 2024 12:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
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चांदा कस्बे में स्थित निजी चिकित्सालय। - संवाद
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चांदा (सुल्तानपुर)। स्थानीय कस्बे में संचालित एक निजी बाल चिकित्सालय में मंगलवार देर शाम सामान्य बुखार से पीड़ित चार माह के मासूम की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने कथित चिकित्सक पर गलत दवा देने का आरोप लगाते हुए घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही चिकित्सक समेत अन्य स्टाफ फरार हो गया। एसडीएम लंभुआ के निर्देश पर बुधवार सुबह तहसीलदार लंभुआ व स्वास्थ्य विभाग की टीम चिकित्सालय की जांच करने पहुंची तो वहां ताला लटका मिला। वहां टीम ने नोटिस चस्पा कर दिया है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर कमैचा से महज तीन किमी दूर बरनी गांव है। मंगलवार शाम बरनी गांव निवासी सोनी निषाद के चार माह के दुधमुंहे शिवांश को बुखार हो गया था। परिजन उसे चांदा कस्बे के पट्टी रोड स्थित अमरावती बाल चिकित्सालय ले आए।

परिजनों का आरोप है कि वहां कथित डॉ. विनोद कुमार व विजय कुमार ने शिवांश को अधिक मात्रा में दवा दे दी। इससे बच्चे के मुंह से झाग निकलने लगा और उसकी मौके पर मौत हो गई। परिजनों ने इसकी जानकारी तत्काल चांदा थाने की पुलिस को दी।
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रात में पुलिस के पहुंचने से पहले ही कथित डॉक्टर अस्पताल से फरार हो गया। इसके बाद परिजनों ने घटना की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी। उपजिलाधिकारी लंभुआ दीपक वर्मा के निर्देश पर बुधवार सुबह तहसीलदार लंभुआ देवानंद तिवारी, एसएचओ चांदा जेपी सिंह व पीपी कमैचा के सीएचसी प्रभारी डॉ. आरसी यादव ने बाल चिकित्सालय का स्थलीय निरीक्षण किया। वहां के चिकित्सक गायब रहे।

चांदा पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। कोतवाली निरीक्षक जेपी सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश मिलने के बाद अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।



चिकित्सक व चिकित्सालय का पंजीयन नहीं मिला
कथित आरोपी डॉक्टर के चिकित्सालय और घर पर नोटिस चिपकाया गया है। उसको बुधवार शाम चार बजे तक अपने अभिलेखों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। उसने कोई जवाब नहीं दिया है। सीएमओ कार्यालय के अभिलेख में चिकित्सक व चिकित्सालय का कोई पंजीयन नहीं मिला है। इस मामले में विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

- डॉ. आरसी यादव, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी पीपी कमैचा






इकलौते पुत्र की मौत से सदमे में आए दंपती



मासूम शिवांस बरनी गांव निवासी अजय व उनकी पत्नी सोनी की इकलौती संतान था। उससे मां-बाप दोनों को बहुत लगाव था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।







कई साल से मासूमों की जान से खिलवाड़ कर रहा प्राइवेट अस्पताल

चांदा। कस्बे के पट्टी रोड स्थित बाल चिकित्सालय करीब 25 साल से संचालित बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कथित चिकित्सक के पिता भी यहां प्रैक्टिस करते थे। अभी भी वह आते-जाते रहते हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की नजर आज तक नहीं पड़ी। बाल चिकित्सालय के बाहर जांच व इलाज का बड़ा बोर्ड लगाया गया है। इसमें 24 घंटे की इमरजेंसी सेवा व तमाम तरह की जांच का प्रचार-प्रसार किया गया है। इसमें वार्मर, पल्स ऑक्सीमीटर, नेबुलाइजर, फोटोथैरेपी जैसी सुविधा का जिक्र किया गया है। लोगों का कहना है कि इसी बोर्ड के प्रचार-प्रसार के झांसे में फंसकर लोग यहां पर चले आते हैं।
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