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Sultanpur News: इलाज में बरती लापरवाही, चुकाएं 65 हजार रुपये

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सुल्तानपुर। अधिवक्ता की पत्नी के इलाज में लापरवाही बरतने के एक मामले में जिला उपभोक्ता आयोग की न्यायिक पीठ ने इलाज करने वाले आर्थो चिकित्सक को दोषी करार दिया है। आयोग ने सुल्तानपुर हॉस्पिटल एंड आर्थों सेंटर के चिकित्सक डॉ. पीके पांडेय को दो माह में पीड़ित पक्षकार को 65 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति चुकाने का आदेश दिया है।
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कोतवाली नगर के विनोवापुरी मोहल्ला निवासी अधिवक्ता हरीराम दुबे की पत्नी गंगा देवी का बांया पैर 25 अक्तूबर 2016 को छत से गिरने के कारण टूट गया था। परिजनों ने उन्हें शहर के गोलाघाट स्थित सुल्तानपुर हॉस्पिटल एंड आर्थो सेंटर में डॉ. पीके पांडेय को दिखाया।


28 अक्तूबर 2010 को डॉ. पीके पांडेय ने गंगा देवी के पैर का ऑपरेशन करके उसमें राड डाल दी। बाद में चिकित्सक ने टूटी हड्डी जुड़ जाने की बात कहते हुए ऑपरेशन करके राड को निकाल भी दिया। इसके एवज में चिकित्सक ने तीमारदारों से 13,956 रुपये बतौर इलाज खर्च वसूला।
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इसके बाद भी आराम नहीं मिलने पर गंगा देवी को 30 जुलाई 2018 को दूसरे चिकित्सक को दिखाया। जांच व परीक्षण बाद बताया गया कि टूटी हड्डी नहीं जुड़ी है। इस मामले में पीड़ित हरीराम दुबे ने पत्नी गंगा देवी की ओर से जिला उपभोक्ता आयोग में इलाज में बरती गई लापरवाही के लिए 1.16 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति का वाद दायर किया।


आयोग के अध्यक्ष राम लखन सिंह चंद्रौल, सदस्य पुष्पा सिंह व भारत भूषण तिवारी की पीठ ने दोनों पक्षों को सुनने व प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर डॉ. पीके पांडेय को इलाज में लापरवाही बरतने का दोषी मानते हुए पीड़िता को 65 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दो माह में चुकाने का आदेश दिया है।
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