सुल्तानपुर। जिले में कोरोना संक्रमित मिले तीन मरीजों के 28 परिजनों का बृहस्पतिवार को आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लिया गया। राहत की बात यह रही कि दूसरे दिन एक भी संक्रमित नहीं मिला। जिला अस्पताल में हाई अलर्ट के बाद सभी चिकित्सक मास्क लगाकर मरीजों को देखते मिले तो मरीज और तीमारदार लापरवाह दिखे।
जिले में दोस्तपुर, कुड़वार और दूबेपुर ब्लॉक क्षेत्र में कोरोना का एक-एक मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने हाई अलर्ट घोषित किया है। हाई अलर्ट के बाद बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में सभी चिकित्सक ओपीडी में मास्क लगाकर मरीजों को देखते मिले। ओपीडी में पहुंचे कुछ मरीज ही मास्क लगाए मिले।
चिकित्सक बार-बार ओपीडी में उन्हीं मरीजों को बुलाने का दिशा-निर्देश देते रहे जो मास्क पहने हुए हों। चांदा क्षेत्र की रहने वाली सुषमा देवी (35) को सांस लेने में कुछ परेशानी हो रही थी। उसकी आरटीपीसीआर जांच कक्ष संख्या पांच के सामने बनाए गए रूम में सिस्टर सविता ने की।
जिला महिला अस्पताल में कक्ष संख्या 10 में कोरोना की जांच के लिए सेंटर बनाया गया है। लैब टेक्नीशियन शाहिद ने कुल 50 लोगों की जांच की। जिला अस्पताल में 15 लोगों ने जांच कराई। सीएमएस डॉ. एसके गोयल ने बताया कि सभी चिकित्सकों को कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं। सभी जगहों पर कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करना जरूरी है। बताया कि मास्क, सेनेटाइजर, सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना जरूरी है। स्कूलों में कोविड नियमों का कड़ाई से अनुपालन किया जाए। स्कूलों की कक्षा में बच्चों के बीच पर्याप्त दूरी रखते हुए बैठाया जाए। सभी जगहों पर थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था हो। खांसी, जुकाम, सर्दी व बुखार के लक्षण होने पर बच्चों को स्कूल न भेजा जाए।