लंभुआ (सुल्तानपुर)। तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अब नवजात के लिए न्यू बॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट (एनबीएसयू) स्थापित कर दी गई है। मशीन से सिजेरियन व सामान्य प्रसव के बाद पैदा हुए शिशुओं को त्वरित चिकित्सकीय सहायता मिलने लगी है। यूनिट के जरिए नवजात को गर्माहट व ऑक्सीजन दी जा रही है।
पैदा होते ही विभिन्न समस्याओं से ग्रसित नवजात के बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एनबीएसयू की स्थापना कर दी है। नवजात शिशुओं को झटके आने, गर्भावस्था के दौरान अपशिष्ट पदार्थ पेट में चले जाने व पैदा होते समय कम वजन की समस्या से ग्रसित बच्चों का उपचार सीएचसी पर हो सकेगा। अभी तक ऐसे शिशुओं को जिला व प्रदेश मुख्यालय ले जाया जाता था। इसकी वजह से तीमारदारों व मरीज दोनों को परेशानी उठानी पड़ रही थी।
निजी अस्पतालों में इसके लिए अच्छी-खासी रकम ऐंठी जाने से तीमारदार आर्थिक परेशानी में पड़ जा रहे थे। इस समस्या को देखते हुए सीएचसी के महिला चिकित्सालय के प्रथम तल पर इसकी यूनिट स्थापित कर दी गई है। यूनिट में नवजात शिशुओं के लिए पांच रेडियन वार्मर मशीनें लगाई गई हैं। इससे प्रसव के तुरंत बाद आने वाले झटकों से नवजात को तत्काल उपचार मिल रहा है। यूनिट में ड्यूटी के लिए स्टाफ नर्स आठ-आठ घंटे काम कर रही हैं। अभी तीन स्टाफ नर्स कृष्णा पांडेय, नीरज पांडेय व महिमा सिंह को इस यूनिट से संबद्ध किया गया है। प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेश प्रताप सिंह ने बताया कि इस यूनिट से तत्काल उपचार में सहायता मिल रही है।
स्वस्थ होकर घर गए दो नवजात
जयपालपुर निवासी शनि कुमार की पत्नी ने बीती 13 जून को शिशु को सीएचसी में जन्म दिया। जन्म के समय शिशु का वजन सिर्फ 1900 ग्राम था, जबकि सामान्य नवजात का वजन 2500 ग्राम होता है। देवरी निवासी अनूप की पत्नी ने 19 जून को अस्पताल में शिशु को जन्म दिया। दोनों शिशुओं को इस एनबीएसयू में भर्ती करके राहत पहुंचाई गई। बाद में जच्चा-बच्चा दोनों डिस्चार्ज होकर घर पहुंच गए।
दो मशीनें खराब, तीन कर रहीं काम
यूनिट में नवजात को रखने के लिए पांच रेडियन वार्मर मशीनें लगाई गई हैं। इसमें तीन मशीनें काम कर रही हैं। यूनिट में लगी दो मशीन खराब पड़ी हुई हैं। इतना ही नहीं हाल में स्थापित यूनिट में दो मशीनों को विद्युत आपूर्ति के लिए कोई तय स्थान (प्लग) ही नहीं है। दोनों मशीन चालू होने से एक साथ पांच नवजात को सुविधा का फायदा मिल सकेगा।