सुल्तानपुर। मानसिक दिव्यांगों को प्यार-दुलार व आत्मबल के साथ प्रेरित किया जाए तो उनकी छिपी प्रतिभा में निखार आएगा। ये बातें बाल कल्याण समिति की सदस्य मजिस्ट्रेट सरिता यादव ने कहीं। वे भाईं गांव के मानसिक दिव्यांग केंद्र में शुक्रवार को पाल्यों को संबोधित कर रही थीं।
महिला व समाज कल्याण मंत्रालय की ओर से संचालित रूरल इंफोर्मेटिव एंड सोशल हॉर्मोनी एकेडमी में दिव्यांगों के रहन-सहन व उनकी प्रगति की जानकारी के लिए वह शुक्रवार को पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि मानसिक दिव्यांगता के चलते अपनों से बिछड़ चुके इन बच्चों की शारीरिक व मानसिक देखभाल के साथ प्यार-दुलार और हौसला आफजाई जरूरी है। इन्हें विशेष प्रशिक्षण के साथ सामाजिक ज्ञान भी देना जरूरी है। इन्हें सामान्य जनजीवन का वातावरण मिलेगा तो ये भी प्रगति करते रहेंगे।
उन्होंने डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया गया। संस्थान की निदेशक व समाज कल्याण बोर्ड की सलाहकार रिशा कुमारी वर्मा ने कहा कि मानसिक दिव्यांग भी समाज का अंश है इन्हें उपेक्षित नहीं करना चाहिए। दिव्यांग बच्चों ने मनोहारी गीत व नृत्य से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान विशेष शिक्षक अशोक यादव, नन्दलाल, अनुराग बर्मा, विजय कृष्ण श्रीवास्तव, प्रदीप वर्मा, सरिता व रीता आदि मौजूद रहीं।