सुल्तानपुर। संपत्ति की लालच में मां से वसीयत लिखाने के बाद जहर खिलाकर हत्या करने के मामले में सीजेएम सपना त्रिपाठी ने दो बेटियों व छह अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। सीजेएम ने यह आदेश मृतका के पुत्र की अर्जी पर दिया है।
अधिवक्ता रवि शुक्ल के मुताबिक अमेठी जिले के जगदीशपुर थाने के कटेहटी गांव निवासी रामबोध मिश्र ने अपनी बहन अखिलेश कुमारी उर्फ गुड़्डा व राधा और कमरौली थाने के उतेलवा गांव निवासी मो. जुबेर, सनत कुमार शुक्ल, बाजार शुकुल थाने के पूरे रग्घू शुक्ल गांव के मनोज शुक्ल, राज कुमार शुक्ल, विनोद शुक्ल और सत्य प्रकाश शुक्ल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी। रामबोध का कहना है कि वे दिल्ली में जैन मंदिर में नौकरी करते हैं और घर पर उनकी मां सरस्वती व बच्चे रहते थे। रामबोध का आरोप है कि उनकी बहन अखिलेश कुमारी उर्फ गुड्डा व राधा ने 26 दिसंबर 2022 को मां सरस्वती से जबरदस्ती वसीयत लिखा ली थी। वसीयत में मो. जुबेर व सनत कुमार शुक्ल गवाह बने थे। 18 जनवरी 2023 को राधा ने भाई रामबोध को फोन करके बताया था कि मां की तबीयत खराब है। रामबोध बहन के घर पहुंचे तो देखा कि मां के मुंह से जहर की गंध आ रही थी और उनकी मौत हो गई थी। रामबोध के चिल्लाने पर आरोपियों ने उन्हें मारपीट कर चोटें पहुंचाई थीं। वहां से रामबोध किसी तरह जान बचाकर पुलिस के पास पहुंचे और केस दर्ज कराने के लिए तहरीर दी लेकिन केस नहीं दर्ज किया गया। तब उसने कोर्ट की शरण ली थी।
उनके अधिवक्ता रवि शुक्ल ने कहा कि संपत्ति की लालच में बेटियों ने मां की हत्या करके गंभीर अपराध किया है। मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराने बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। सीजेएम सपना त्रिपाठी ने मामले में संज्ञेय अपराध का कारित होना मानते हुए पुलिस को आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।