अमहट (सुल्तानपुर)। शायर अकरम सुल्तानपुरी की याद में रविवार को हुसैनिया नौतामीर अमहट में मजलिस का आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय के अलावा दूरदराज से आए मौलाना ने अपनी बात रखी। वक्ताओं ने मोहम्मद साहब के बारे में बताया।
मजलिस में मुंबई से मौलाना शाहिद हसन रिजवी व दिल्ली से कमर सुल्तान शामिल हुए। मौलाना शाहिद हसन रिजवी ने कहा कि मोहम्मद साहब ने अपने अंतिम समय में आखिरी बार हज यात्रा की। हज यात्रा की वापसी पर उन्होंने गदीर-ए-खुम के मैदान में सवा लाख हाजियों के बीच दोपहर में हजरत अली (अलैह सलाम) को अपना उत्तराधिकारी खलीफा बनाया था। इसी खुशी में सबसे बड़ी ईद के रूप में मनाई जाती है।
इस पर सारे हाजियों ने तीन दिन तक हजरत अली को मुबारक बाद दी थी। मजलिस में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। यह जानकारी हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास खां ने दी। बताया कि लोगों ने हजरत मोहम्मद साहब के कार्यों को याद किया।