सुल्तानपुर। वर्ष 2015 में निर्माणाधीन पुलिस प्रशिक्षण केंद्र दादूपुर में लोहे की पाइप से पत्नी की हत्या करने के मामले में आरोपी राजगीर को कोर्ट ने शुक्रवार को दोषी करार दिया। एडीजे चतुर्थ त्रिभुवन नाथ पासवान ने उसको उम्रकैद व 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता विजय शंकर शुक्ल के मुताबिक छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के केशला नाजगढ़ गांव निवासी जनक गौड़ (50) वर्ष 2015 में कोतवाली नगर क्षेत्र के दादूपुर स्थित निर्माणाधीन पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) में राजगीर के तौर पर काम कर रहा था। उसके साथ पत्नी प्रकाशा (36) भी मजदूरी करती थी। दोनों पीटीसी में ही रहते थे।
18/19 सितंबर 2015 की रात किसी बात को लेकर हुए विवाद में जनक गौड़ ने लोहे की पाइप से मारकर प्रकाशा की हत्या कर दी थी। पीटीसी का निर्माण करा रहे सुपरवाइजर कुड़वार थाने के माधवपुर गांव निवासी प्रमोद पांडेय ने कोतवाली नगर में जनक गौड़ के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। शुक्रवार को कोर्ट ने आरोपी जनक गौड़ को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।