सुल्तानपुर। हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए पिता-पुत्र को जिला जज जय प्रकाश पांडेय ने उम्रकैद व 75 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माने की आधी रकम पीड़ित परिवार को देने का आदेश भी दिया है। जिला जज ने दोषी पिता को जेल भेजने का आदेश है जबकि गैरहाजिर पुत्र के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी करने का आदेश देते हुए उसकी गिरफ्तारी कराने की जिम्मेदारी एसपी को सौंपी है।
थाना क्षेत्र कुड़वार के ग्राम महराजगंज मौजा शादीपुर निवासी नसीर अहमद की हत्या के मामले में जेल में निरुद्ध रिजवान अहमद को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। सजा के बिंदु पर अभियोजन पक्ष से डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र, अधिवक्ता अजीजुर्रहमान व अनिल दुबे और बचाव पक्ष की ओर से दलीलें पेश की गईं।
जिला जज ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी रिजवान अहमद व उसके पुत्र निजाम अहमद को उम्रकैद व 75 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने रिजवान को जेल भेजने जबकि गैरहाजिर निजाम के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही एसपी को आदेश दिया है कि वे निजाम को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करें।
गौरतलब है कि 29 मई 2013 को जमीन के विवाद में नसीर अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बीचबचाव करने पर नसीर के पुत्र रहबर, अमीर, नफीस व बहू अफसरुल को भी चोट आई थी। मामले में गांव के ही रिजवान अहमद व उसके पुत्र निजाम अहमद के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। कोर्ट ने 30 अगस्त को आरोपी रिजवान को जेल भेजने का आदेश दिया था जबकि गैर हाजिर निजाम के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था।
गैरहाजिर दोषी पर केस दर्ज करने का आदेश
डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र ने बताया कि जिला जज ने दोषी निजाम अहमद के खिलाफ केस (प्रकीर्ण वाद) दर्ज करने का आदेश दिया है। उसे हत्या व जानलेवा हमला करने के साथ ही आर्म्स एक्ट में भी दोषी करार देकर सजा सुनाई गई है।