सुल्तानपुर। युवक की हत्या कर सुबूत मिटाने के लिए शव रेलवे लाइन के पास खेत में फेंक देने के मामले के पांच दोषियों को जिला जज जयप्रकाश पांडेय ने बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला जज ने दोषियों पर तीन लाख रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माने की 70 फीसदी रकम मृतक के पिता रामचंद्र चौबे को मिलेगी।
कोतवाली देहात थाने के बैजापुर गांव निवासी पंकज चौबे (40) की आरोपियों ने कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी थी और सुबूत मिटाने के लिए शव सुल्तानपुर-इलाहाबाद रेलवे लाइन के पास स्थित अहिमाने गांव के खेत में फेंक दिया था। शव मिलने पर अहिमाने के पूर्व ग्राम प्रधान रामराज वर्मा ने दो मई, 2004 को कोतवाली देहात थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना में पुलिस ने बैजापुर गांव के रामसागर, किन्ने उर्फ राजपति, दिनेश व कुलदीप उर्फ कल्लू चौबे और पीपरपुर थाने के डिहवा निकट दुर्गापुर निवासी पवन वर्मा के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
जबकि बैजापुर गांव के संतोष यादव को कोर्ट ने आरोपी मानते हुए विचारण के लिए तलब किया था। पिछले शुक्रवार को जिला जज ने रामसागर, दिनेश, कुलदीप उर्फ कल्लू चौबे, संतोष यादव व पवन वर्मा को दोषी मानते हुए जेल भेजने का आदेश दिया था। सजा सुनाने के लिए 18 सितंबर की तिथि नियत की थी। बुधवार को पुलिस ने पांचों दोषियों को कोर्ट में पेश किया। जिला जज ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए जेल भेजने का आदेश दिया है। आरोपी किन्ने उर्फ राजपति की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी।