सुल्तानपुर। जिले में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। डेंगू से एक के बाद एक हो रही मौतों से स्वास्थ्य विभाग की तैयारी की कलई खोलकर रख दी है। डेंगू से पीड़ित एक लेखपाल की उपचार के दौरान लखनऊ में बुधवार दोपहर बाद मौत हो गई। वहीं, जिले में बुधवार को 252 लोगों की जांच में 39 नए डेंगू संक्रमित मरीज मिले हैं।
धम्मौर थाना क्षेत्र के छरौली गांव निवासी धर्मराज यादव (58) बल्दीराय तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात थे। पिछले 13 नवंबर को उन्हें बुखार चढ़ा तो परिजनों ने दूसरे दिन उनकी डेंगू की जांच कराई। जांच में डेंगू पॉजिटिव मिलने पर उन्हें शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 15 नवंबर को हालत ज्यादा खराब होने पर परिजन उन्हें लेकर लखनऊ पहुंचे और एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
बुधवार दोपहर बाद उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं, बुधवार को जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में 115 लोगों की डेंगू की जांच की गई। लैब टेक्नीशियन शेषनाथ ने बताया कि जांच में 35 लोग डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी बंशीलाल शहर के बढ़ैयावीर मोहल्ले में वरिष्ठ लैब टेक्नीशियन आरपी सिंह के साथ कैंप में पहुंचे। कैंप में 97 लोगों की जांच में चार लोग डेंगू पॉजिटिव पाए गए। लाला का पुरवा में 40 लोगों की जांच की गई। जांच में कोई डेंगू पॉजिटिव नहीं मिला।
परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंचे एसडीएम
सुल्तानपुर। लेखपाल धर्मराज यादव की मौत की सूचना मिलते ही एसडीएम बल्दीराय महेंद्र कुमार श्रीवास्तव, तहसीलदार घनश्याम भारती, लेखपाल संघ के अध्यक्ष संतराम यादव, लेखपाल आईपी सिंह छरौली गांव उनके आवास पर पहुंच गए। एसडीएम ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
जवान बेटे की मौत से टूट गए थे धर्मराज
सुल्तानपुर। छरौली गांव निवासी लेखपाल धर्मराज यादव के बेटे मिथिलेश यादव की पिछले सात अगस्त को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। जवान बेटे की मौत से वे टूट गए थे। लेखपाल के परिवार में पत्नी के साथ ही दो बेटे हैं। धर्मराज की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।