सुल्तानपुर। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक ड्यूटी से नदारद मिल रहे हैं। लैब टेक्नीशियन अथवा फार्मासिस्ट ही मरीजों की जांच कर उन्हें दवाएं भी दे रहे हैं।
सेमरी पीएचसी पर रविवार सुबह करीब 11 बजे लैब असिस्टेंट जितेंद्र राव मरीजों का इलाज करते मिले। चिकित्सक और फार्मासिस्ट नदारद रहे। पूछने पर बताया कि डॉ. गौरव गुप्ता की तीन दिन इमरजेंसी ड्यूटी रहती है। इसलिए डॉ. राजेश को प्रभार मिला है। डॉ. राजेश अभी आते ही होंगे।
फार्मासिस्ट लोकनाथ शुक्ला के बारे में बताया कि आज वह छुट्टी पर हैं। 11 बजे तक लैब असिस्टेंट ने कुल छह मरीजों की जांच कर उन्हें दवाएं दीं जिनमें एक गर्भवती भी थी। पीएचसी में मरीजों की खून व शुगर जांच भी की गई।
चिकित्सक की गैर मौजूदगी में सिर्फ फार्मासिस्ट ही मरीजों को देख सकता है। यदि लैब असिस्टेंट ने मरीजों को देखा है तो इसकी जांच की जाएगी।
-सुरेंद्र पटेल, सीएचसी अधीक्षक, जयसिंहपुर
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धनपतगंज क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित जन आरोग्य मेले में रविवार को मरीजों की भीड़ नहीं दिखीं। क्षेत्र के सरायगोकुल और मझवारा तथा देहली बाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित मेले में मरीजों की संख्या काफी कम रही।
देहली बाजार में डॉ. रमेश तथा फार्मासिस्ट मनोज के साथ ही एएनएम अमिता व आशा कार्यकर्ता व अन्य स्टाफ मौजूद मिला। इलाज के लिए मात्र तीन महिलाएं ही पहुंचीं। मझवारा पीएचसी पर उपचार कराने पहुंचे हरिप्रसाद ने बताया कि आरोग्य मेले में न तो विशेषज्ञ चिकित्सक रहते हैं और नहीं कोई विशेष सुविधा ही मिलती है। मामूली जांच के लिए भी सीएचसी जाना पड़ रहा है।
सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी ने बताया कि रविवार को 45 पीएचसी पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला आयोजित किया गया। मेले में 101 चिकित्सकों ने 393 पेरामेडिकल स्टाफ के सहयोग से 1729 लोगों की जांच कर उपचार किया। 187 लोगों की कोविड स्क्रीनिंग की गई, 54 लोगों की आरटीपीसीआर जांच की गई। इसके साथ ही 26 लोगों का आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाया गया।