सुल्तानपुर। चंदौर के ब्रह्मचारी आश्रम पर बुधवार को 11 दिवसीय लक्षचंडी महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शोभा यात्रा में शामिल होकर 20 किमी. तक भ्रमण किया। शोभा यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाते हुए आमजन को महायज्ञ का संदेश दिया।
बुधवार को ब्रहमचारी आश्रम पर आयोजित 11 दिवसीय लक्षचंडी महायज्ञ की शुरुआत कलश शोभा यात्रा के साथ हुई। शोभा यात्रा सुसज्जित रथों के साथ बड़ी संख्या में वाहन और गाजे-बाजे के साथ निकली।
यह कलश शोभा यात्रा चंदौर, पीपरगांव, धनपतगंज, मांयग, मझवारा, नौगवां, सड़ांव, कुड़वार, बरासिन होते हुए 20 किलोमीटर तक गई। यात्रा में ध्वज पताका के साथ शामिल श्रद्धालुओं ने जयघोष करते हुए आम लोगों को महायज्ञ का संदेश दिया।
महायज्ञ के आयोजक बाबा अवधेश ने बताया कि बुधवार से शुरू इस 11 दिवसीय महायज्ञ का समापन पूर्णाहुति के साथ पांच फरवरी को होगा। शोभा यात्रा के समापन पर शाम को अमर शहीदों की याद में दीपयज्ञ का कार्यक्रम किया गया।
बृहस्पतिवार से प्रतिदिन यज्ञ आहुतियों का कार्यक्रम सुबह निर्धारित समय के साथ शुरू होगा। इसके अलावा रोज द्वितीय बेला में रामकथा और शाम से सांस्कृतिक कायर्क्रम रामलीला का आयोजन किया जाएगा।