सुल्तानपुर। जिला जेल में बंद अमेठी के दो बंदियों की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में आखिरकार शासन ने सात दिन बाद कार्रवाई कर दी। जेल अधीक्षक उमेश प्रताप सिंह का जहां तबादला कर दिया गया, वहीं लापरवाही का दोषी मानते हुए हेड वार्डर और एक अन्य वार्डर को निलंबित कर दिया गया। अमर उजाला ने इस घटनाक्रम में जेल प्रशासन की लापरवाही को प्रमुखता से उजागर किया था।
अमेठी जिले के जामो थाना क्षेत्र के ग्राम चौधरी का पुरवा मौजा लोरिकपुर निवासी पोल्ट्री फार्म संचालक ओम प्रकाश यादव (48) की 26 मई 2023 को धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। मामले में आरोपी बनाए गए गांव के ही करिया उर्फ विजय पासी और मज्जू रैदास उर्फ मनोज को पुलिस ने 30 मई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
दोनों आरोपी अमहट स्थित जिला जेल में निरुद्ध थे। 21 जून को दोनों बंदियों की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। जेल प्रशासन ने तब कहा था कि दोनों बंदियों ने आत्महत्या कर ली है।
एक साथ दो बंदियों की मौत हो जाने से हड़कंप मच गया था। आईजी कारागार प्रवीण कुमार, डीजी जेल लखनऊ की ओर से नियुक्त किए गए आईपीएस हेमंत कुटियाल के साथ डीएम जसजीत कौर, एसपी सोमेन बर्मा व न्यायिक अधिकारियों ने जेल पहुंचकर मामले की पड़ताल की थी।
मृत बंदियों के परिजन हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस व कुछ अन्य संगठनों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर दोषी जेल कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। अब इस घटना के दौरान जेल अधीक्षक उमेश प्रताप सिंह का वाराणसी तबादला कर दिया गया है जबकि सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे हेड जेल वार्डर धीरज कुमार चौबे और वार्डर चंद्रशेखर को निलंबित कर दिया गया है।
22 दिन पहले हत्या के आरोप में किए गए थे निरुद्ध
जेल के दो युवा बंदी जिन्हें 22 दिन पहले हत्या के आरोप में निरुद्ध किया गया था, उनके पास जमानत पाने का भी रास्ता था। कोर्ट में अपना पक्ष रखने का भी पूरा मौका था। उन दोनों ने आखिर एक साथ आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठा लिया? यह शायद राज ही रह जाएगा। हालांकि अभी न्यायिक जांच की रिपोर्ट आनी बाकी है। हो सकता है उसमें कुछ नए तथ्य सामने आएं।
सीजेएम खुद कर रही हैं न्यायिक जांच
जेल में दो बंदियों की मौत के समय को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में असमंजस जैसी स्थिति थी। रिपोर्ट के अनुसार शवों की स्थिति से मौत बताए गए समय से पहले हुई प्रतीत होती थी किंतु डीजी जेल की ओर से कराई गई जांच में इस बिंदु को महत्व नहीं दिया गया। अभी न्यायिक जांच की रिपोर्ट आनी बाकी है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सपना त्रिपाठी खुद इस मामले की जांच कर रही हैं। उनकी जांच में कुछ नए तथ्य सामने आ सकते हैं।