सुल्तानपुर। तहसील संपूर्ण समाधान दिवस मेें शिकायतों की भरमार रही, लेकिन समाधान के नाम पर कागजी कोरम पूरा किया गया। शनिवार को सदर तहसील में डीएम-एसपी समेत जिला स्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी में 117 शिकायतें आईं, लेकिन समाधान महज सात का ही हो सका। अन्य प्रार्थनापत्रों को संबंधित अधिकारियों के हवाले कर दिया गया।
दूबेपुर के अमेठा गांव से आए भगवानदीन ने बताया कि उसने अपनी जमीन के एक हिस्से का बैनामा प्रतापगढ़ के डेरवा निवासी सत्तीराम को किया था। कुछ दिन बाद पता चला कि उनकी पूरी भूमि पर सत्तीराम ने कब्जा कर लिया। तब से लेकर आज तक करीब आठ बार समाधान दिवस में आ चुका हूं, लेकिन अभी तक कोई देखने तक नहीं गया है। धनपतगंज के जज्जौर निवासी राधिका ने बताया कि मेरे ससुर की पैतृक जमीन थी। उसमें कुछ अंश बिक्री कर दिया था, लेकिन बैनामेदार पूरे नंबर की जमीन पर कब्जा कर ले रहे हैं। मना करने पर मुझे मारने दौड़ते हैं। करीब दो महीने से अधिकारियों के पास चक्कर लगा रही हूं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
दूबेपुर के पूरे नकछेद निवासी राम शिरोमणि यादव ने बताया कि मेरी उम्र करीब 65 साल है। मेरे ऊपर शांतिभंग का मामला पंजीकृत कर लिया गया है, जबकि मैं घर छोड़कर कहीं नहीं जाता। मुझे नहीं पता कि पुलिस ने किस जांच के आधार पर पाबंद किया है। एसपी को शिकायती पत्र दिया है, जांच की बात कही जा रही है। इसी तरह बल्दीराय, जयसिंहपुर, लंभुआ और कादीपुर में भी समाधान दिवस का आयोजन किया गया। डीएम कृत्तिका ज्योत्स्ना ने अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का निर्देश दिया है।