सुल्तानपुर। छात्र जीवन से लेकर अंतिम समय तक आरएसएस से जुड़े संघ के पुरोधा हृदयनाथ सिंह का पार्थिव शरीर अंत में उनकी कर्मभूमि में ही मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हुआ। उनके अंतिम संस्कार के समय तक गोमती नदी के जिले के करौंदीकलां के इमिलिया घाट पर संघ व भाजपा के राष्ट्रीय स्तर तक के नेताओं व पदाधिकारियों का जमावड़ा रहा। लोग उनकी कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते रहे।
जौनपुर जिले के सरपतहां थाना क्षेत्र के अमावां खुर्द के मूल निवासी व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक और भाजपा के अखिल भारतीय कार्यकर्ता हृदयनाथ सिंह का बीमारी के बाद सोमवार की रात लखनऊ में निधन हो गया। उनके निधन की खबर लगते ही भाजपा व संघ परिवार स्तब्ध रह गया। लखनऊ भाजपा कार्यालय में पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए कुछ देर रखे जाने के बाद उनका शव जौनपुर के सरपतहां के अमावा खुर्द ले जाया गया। अमावां खुर्द ले जाने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में संघ व भाजपा के पदाधिकारी शहर के पयागीपुर चौराहे पर पहुंच गए।
पयागीपुर चौराहे पर संघचालक डॉ. एके सिंह, विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश, अजय गुप्ता, डॉ. रमाशंकर मिश्र, डॉ. पवनेश मिश्र व भाजपा के काशी क्षेत्र उपाध्यक्ष संतबक्श सिंह, क्षेत्रीय महामंत्री सुशील त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष डॉ. आरए वर्मा, नपाध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल समेत अन्य पदाधिकारियों ने उनका अंतिम दर्शन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। इस बीच पूरा संघ व भाजपा परिवार दुख में डूबा रहा। अमावां खुर्द में स्थित घर पर पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखे जाने के बाद उनकी शव यात्रा उनकी संघ की कर्मभूमि रही गोमती नदी के जिले के इमिलिया घाट पर पहुंची। शाम करीब पौने छह बजे घाट पर उनके बेटे अजीत सिंह ने मुखग्नि दी।
मुखाग्नि देते समय संघ व भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सरकार के मंत्री शोक में डूबे रहे। अंतिम संस्कार के मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, राष्ट्रीय सहसंगठन मंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, खेल मंत्री गिरीशचंद्र यादव, क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप सिंह पटेल समेत जिले के संघचालक डॉ. एके सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. आरए वर्मा, विधायक सदर राजप्रसाद उपाध्याय समेत अन्य लोग डटे रहे।
छात्र जीवन से ही संघ से जुड़े
छात्रजीवन से ही संघ परिवार से जुड़ गए थे। अपनी मेहनत से वह धीरे-धीरे संघ में आगे बढ़ते हुए भाजपा व आरएसएस के राष्ट्रीय स्तर के ओहदे पर पहुंच गए। वह शुरुआती दौर में जिले के साथ प्रदेश के अयोध्या, झांसी के विभाग प्रचारक रहे। हरदोई और पीलीभीत के जिला विभाग प्रचारक रहे। वह झारखंड में भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री के अलावा काशी व ब्रज प्रांत के संगठन मंत्री के रूप में भी काम कर चुके हैं। शुरुआती दौर में जिले के विभाग प्रचारक के तौर पर काम करने वाले हृदयनाथ सिंह का पार्थिव शरीर अंतत उनकी शुरुआत की कर्मभूमि में ही पंचतत्व में विलीन हुआ।