चांदा (सुल्तानपुर)। स्थानीय कस्बे में झोलाछाप के निजी बाल चिकित्सालय पर मंगलवार को दवा की अधिक डोज देने से चार माह के मासूम की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद झोलाछाप समेत अन्य स्टाफ फरार हो गए। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम के नोटिस चस्पा करने के बाद भी आरोपी की ओर से जवाब नहीं मिला। बृहस्पतिवार को पुलिस की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाल चिकित्सालय को सील कर दिया। अब स्वास्थ्य विभाग आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी में जुटा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर कमैचा से महज तीन किमी दूर स्थित बरनी गांव निवासिनी सोनी निषाद के चार माह के पुत्र शिवांश को मंगलवार को बुखार हो गया था। परिजन उसे चांदा कस्बे के पट्टी रोड स्थित बाल चिकित्सालय ले आए थे।
परिजनों का आरोप है कि वहां कथित डॉ. विनोद कुमार व विजय कुमार ने शिवांश को अधिक मात्रा में दवा दे दी थी। ओवरडोज दवा देने से बच्चे के मुंह से झाग निकलने लगा था और उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने इसकी जानकारी चांदा थाने की पुलिस को दी थी।
पुलिस के पहुंचने से पहले ही अस्पताल से झोलाछाप फरार हो गया था। उपजिलाधिकारी लंभुआ दीपक वर्मा के निर्देश पर प्रतापपुर कमैचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने आरोपी के घर और अस्पताल पर नोटिस चस्पा कर उसे बुधवार शाम चार बजे तक अभिलेख व अपना पक्ष प्रस्तुत करने का समय दिया था।
इसके बाद भी आरोपी ने कोई जवाब नहीं दिया। बृहस्पतिवार दोपहर बाद एडिशनल डिप्टी सीएमओ राधावल्लभ, कोतवाली निरीक्षक जयप्रकाश सिंह, सीएचसी प्रभारी पीपी कमैचा डॉ. आरएस यादव ने बाल चिकित्सालय पर सीलिंग की कार्रवाई की।
पीपी कमैचा सीएचसी प्रभारी डॉ. आरएस यादव ने बताया कि सीएमओ कार्यालय में अस्पताल व चिकित्सक का कोई पंजीयन नहीं मिला है। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए चांदा कोतवाली में तहरीर दी गई है। चांदा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाशस सिंह ने बताया कि वे बाहर हैं। कोतवाली पहुंचने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
आरोपी के पिता भी उसी चिकित्सालय पर करते थे प्रैक्टिस
बाल चिकित्सालय का आरोपी झोलाछाप डॉ. विजय कुमार मूलतः जौनपुर के बदलापुर क्षेत्र का रहने वाला है। बताया जा रहा है पहले उसके पिता भी इसी तरह प्रैक्टिस कर रहे थे। उन्होंने बाद में यहां बैठना बंद कर दिया। पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए विजय भी इसी पेशे में हाथ आजमाने लगा। बताया जा रहा है आरोपी का मकान काफी आलीशान है।
क्षेत्र में संचालित हैं कई झोलाछापों की क्लीनिक
क्षेत्र के आसपास के प्रमुख बाजारों में कई ऐसी प्राइवेट क्लीनिक चल रही हैं जिनका सीएमओ कार्यालय से कोई पंजीयन नहीं है। इन पर झोलाछाप अपना धंधा चमका रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की निगाह इन पर नहीं पड़ रही है।