सुल्तानपुर। मौसमी बीमारियों का दबाव मेडिकल कॉलेज के पुरुष अस्पताल पर साफ दिखने लगा है। ओपीडी में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में दोगुनी हो गई है। बुखार, डायरिया और सांस के गंभीर रोगी आने के कारण सारे बेड फुल हो गए हैं। यहां तक कि बर्न वार्ड, डेंगू वार्ड और इमरजेंसी तक के वार्डों में मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
करीब एक पखवाड़ा पहले अस्पताल की ओपीडी में रोज देखे जाने वाले मरीजों की संख्या 700 से 750 के बीच थी। इधर, चार-पांच दिनों से अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। इनमें ज्यादातर मरीज वायरल, बुखार, खांसी, जुकाम, सीने में जकड़न, सांस फूलने, डायरिया व पेटदर्द आदि रोगों से पीड़ित हैं। इसके अलावा इन दिनों एक्सीडेंट के कुछ केस भी ज्यादा आ रहे हैं जिस वजह से शनिवार को ओपीडी में देखे जाने वाले मरीजों की संख्या 1422 तक पहुंच गई।
उधर, इतनी बड़ी संख्या में ओपीडी होने के चलते गंभीर रोगियों को भर्ती भी कराया जा रहा है। पुरुष चिकित्सालय में कुल 190 बेड हैं। बर्न वार्ड और इमरजेंसी के लिए भी बेड आरक्षित हैं। ये सारे बेड अब सामान्य मरीजों से भरे जा चुके हैं। यहां तक कि सीएमएस ने बुखार के संदिग्ध रोगियों को बेड न होने की स्थिति में डेंगू वार्ड में भी भर्ती करने का निर्देश दिया है।
शनिवार को सुबह से शाम तक साधना वर्मा, सूरज, रामलौट, कंचन, जगदेव प्रसाद, गीता, दयाराम यादव, महेश, लल्लीदेवी, बैजनाथ, माताफेर, रामकिशोर, अंशुल, शिवानी, रामलली, सुशीला, राजकली, सोहनलाल व राजेश, समेत करीब 80 मरीज भर्ती कराए गए।
गंभीर हो रही समस्या
इस समय सारे बेड फुल हैंं, कोशिश की जा रही है कि जो मरीज डिस्चार्ज के लायक हों, उन्हें तत्काल डिस्चार्ज कर दिया जाए। अभी तक किसी मरीज को लौटाने की नौबत नहीं आई है, प्रबंध किए जा रहे हैं। किंतु अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से दिक्कत जरूर बढ़ी है।
-डॉ. एसके गोयल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक