जयसिंहपुर। बहुप्रतीक्षित बिरसिंहपुर के सौ शैय्या युक्त संयुक्त अस्पताल में लंबे अरसे बाद सोमवार को ओपीडी शुरू कर दी गई। यहां तैनात डॉक्टरों ने मरीजों का उपचार करने के साथ ही उन्हें दवा भी उपलब्ध कराई। अस्पताल के संचालन से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है।
तहसील क्षेत्र के बिरसिंहपुर में ढाई साल पहले सौ बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य लगभग पूरा कर लिया गया था। क्षेत्र की जनता इसके संचालन को लेकर इंतजार कर रही थी। करीब 27 करोड़ की लागत से बने अस्पताल में 28 मार्च को शासन से 13 डॉक्टरों की तैनाती का आदेश हुआ जिनमें से तीन डॉक्टरों ने कार्यभार संभाल लिया है। आठ फार्मासिस्ट और दो चीफ फार्मासिस्ट पहले से तैनात हैं। 15 की संख्या में स्टाफ नर्स की भी पोस्टिंग हो चुकी है।
अस्पताल के संचालन की जिम्मेदारी सीएमएस डॉ. राजकमल चौरसिया को दी गई है। मरीजों की देखभाल के लिए कुल 27 लोगों का स्टाफ है। डेंटल सर्जन मिथलेश कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आफताब रजा, ईएमओ डॉ. स्वतंत्र कुमार की उपस्थिति में सोमवार को ओपीडी शुरू हुई।
पहले दिन 10 मरीजों का इलाज चिकित्सकों ने किया। मरीजों ने बताया नजदीक ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से वे काफी खुश हैं। गौरतलब है कि कटरा चुग्घूपुर, पाल नगर, काली गंज, छीटेपट्टी, सेमरी, बिरमलपुर समेत दर्जनों गांतों के लोगों को बीमार होने पर बेहतर इलाज के लिए लंबी दूरी तय कर जिला मुख्यालय जाना पड़ता था। ओपीडी का संचालन होने से क्षेत्र के लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी।
सीएमएस डॉ. राज कमल चौरसिया ने बताया कि सौ बेड के अस्पताल की ओपीडी शुरू कर दी गई है। पैरामेडिकल और अन्य स्टाफ की तैनाती न होने से इमरजेंसी और जांच की सुविधा अभी शुरू नहीं हो सकी है। अस्पताल में दवाएं उपलब्ध हैं। मरीज ओपीडी समय में अस्पताल पहुंचकर इलाज करवा सकते हैं।