सुल्तानपुर। शहर के दरियापुर मोहल्ले में मृतक को जिंदा दिखाकर लाखों रुपये की संपत्ति की रजिस्ट्री कराने का मामला प्रकाश में आया है। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने भतीजे की तहरीर पर दस्तावेज लेखक व छह अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
कोतवाली नगर क्षेत्र के दरियापुर निवासी अरविंद कुमार शुक्ल का आरोप है कि उनके पिता रामचंद्र के भाई मूलचंद्र और माता प्रसाद थे। माता प्रसाद की मृत्यु 29 अक्तूबर 2016 को हो गई थी। कुछ दिनों बाद मूलचंद्र ने चालबाजी की और फर्जी दस्तावेज तैयार कर माता प्रसाद की जायदाद 23 मार्च 2017 को दस्तावेज लेखक बद्री प्रसाद शुक्ल की मिलीभगत से अपने परिजनों के नाम से रजिस्ट्री करा ली।
इसकी जानकारी होने पर उसने कोतवाली नगर में तहरीर दी लेकिन पुलिस ने केस नहीं दर्ज किया था। पुलिस से कोई मदद न मिलने पर अरविंद ने एसपी को प्रार्थना पत्र भी दिया था फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट के आदेश पर शनिवार को कोतवाली नगर में कुसुम कुमारी, मूलचंद्र, आलोक कुमार, शरद शुक्ल निवासी दरियापुर थाना कोतवाली नगर, रामचंदर तिवारी निवासी बरौंसा थाना जयसिंहपुर और अरविंद निवासी गोपीनाथपुर थाना चांदा और दस्तावेज लेखक बद्री प्रसाद शुक्ल के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।