बारिश में खुली निर्माण की पोल, आननफानन मरम्मत में जुटा विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
सुल्तानपुर। जिले के दो पुल तीन माह के भीतर ही दोबारा धंस गए। दोनों पुलों के धंसने से पुल के पास सड़क पर होल हो गया है। सूचना पर एक पुल के होल की मरम्मत शुक्रवार को करा दी गई, लेकिन दूसरे कार्य अभी नहीं शुरू हुआ है। महज कुछ दिनों में पुलों की खस्ताहाल निर्माण में अनियमितता की तरफ इशारा कर रही है।
शहर के गोपालदास नाले पर करीब साल भर पहले सवा दो करोड़ की लागत से पुल बनाया गया। जून में हुई बरसात में इस के ठीक बगल बड़ा गड्ढा हो गया था। इसमें पुल से सटी सड़क भी समा गई थी। जानकारी मिलते ही लोक निर्माण विभाग ने उसकी मरम्मत कराकर दुरुस्त कराया था। बृहस्पतिवार की रात से जिले में जारी बरसात से गोपालदास पुल के दूसरी तरफ सटकर सड़क फिर धंस गई और होल हो गया। पुल के दोबारा धंसने पर वहां लोगों की भीड़ लग गई। शहरवासी पुल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाने लगे। यही नहीं धंसे पुल की फोटो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई। जिसके बादर पीडब्ल्यूडी ने शुक्रवार को गिट्टी डलवाकर उसे कुछ दुरुस्त कराया।
गोपालदास पुल के साथ ही बरसात से गोमती नदी के दियरा घाट पुल के बगल सड़क फिर धंस गई। सड़क धंसने से वहां बड़ा गड्ढा हो गया है। कुछ दूर की सड़क नदी में बह गई है। सूचना पर अधिकारियों ने इसका निरीक्षण किया, लेकिन सड़क को दुरुस्त करने का कार्य अभी शुरू नहीं हो सका है। ठीक उसी जगह तीन माह पहले जून में हुई बरसात से पुल से सटकर बड़ा गड्ढा हो गया था। बरसात के बाद लोक निर्माण विभाग ने गिट्टी को डलवाकर उसकी कुटाई करवाते हुए धंसी सड़क को दुरुस्त कराया था। लेकिन सड़क दोबारा बह गई। कुछ अंतराल पर सड़क बहने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। एक्सईएन प्रांतीय खंड अरुण कुमार ने बताया कि बरसात बंद होते ही दियरा घाट सेतु की सड़क को दुरुस्त करा दिया जाएगा।