सुल्तानपुर। स्वास्थ्य विभाग के चालक की हत्या कर उसकी लाश को जलाकर अपनी लाश दर्शाने की साजिश रचने के आरोपी व उसके साथियों पर पुलिस ने गैंगस्टर लगा दिया है। यह रहस्यमय हत्या दूबेपुर के एक फार्म हाउस पर 16 जनवरी को हुई थी, जिसका खुलासा आठ फरवरी को पुलिस और एसओजी टीम ने किया था।
देहात कोतवाली क्षेत्र के दूबेपुर गांव निवासी विक्रांत वर्मा के फार्म हाउस पर 16 जनवरी को अलाव के पास एक लाश बुरी तरह जली मिली थी। पास ही विक्रांत का मोबाइल भी पड़ा मिला था। परिजनों ने विक्रांत की हत्या कर उसे जलाने का आरोप लगाते हुए कोतवाली देहात में केस दर्ज करा दिया था। रहस्यमय हत्या के खुलासे के लिए एसपी ने इनाम भी घोषित कर दिया था। इस बीच पुलिस को भनक लगी कि विक्रांत जिंदा है। इसके बाद घटनास्थल के आसपास के मोबाइल लोकेशन को ट्रेस किया गया था। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर संदेह पुख्ता हो गया था।
पुलिस ने उसे पानीपत जिले के विकासनगर थाना क्षेत्र के औद्योगिक एरिया से आठ फरवरी को पकड़ा था। पूछताछ में उसने बताया था कि दूबेपुर सीएचसी पर तैनात नियमित चालक द्वारिकानाथ शुक्ला को उसने घटना के दिन खूब शराब पिलाई थी। नशा होने पर हत्या कर लाश को जला दिया था। द्वारिकानाथ अयोध्या के खंडासा थाने के गांव रौतावां के रहने वाले थे। उसने वारदात को अंजाम देने के लिए अपने दो साथियों शक्तिमान और अनुज साहू की मदद ली थी। दोनों कासगंज जिले के सोरो थाने के तुमरिया गांव के रहने वाले हैं।
डीएम के अनुमोदन पर हुई कार्रवाई
कोतवाली देहात थाने के प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गैंग लीडर विक्रांत वर्मा निवासी दुबेपुर थाना कोतवाली देहात, शक्तिमान व अनुज साहू ने मिलकर वीभत्स हत्या की है। आरोपियों के खिलाफ डीएम के अनुुमोदन पर उत्तर प्रदेश गिरोहबंद व समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।