सुल्तानपुर। जिले के चार गांवों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर मॉडल बनाया जाएगा। गांवों के ऐतिहासिक स्थलों के मद्देनजर उनका चयन किया गया है। पर्यटन एवं संस्कृति परिषद ने इसकी मंजूरी दे दी है।
इसमें सदर तहसील क्षेत्र का शहर से सटा गांव कस्बा पांचोपीरन, बल्दीराय का इसौली व डोभियारा व कादीपुर तहसील क्षेत्र का रुपईपुर गांव शामिल है। स्वीकृति मिलने के बाद पर्यटन विभाग चयनित गांवों में कार्य कराने के लिए सर्वे कराएगा।
सर्वे में कार्यों को चिह्नित कर उसकी कार्ययोजना तैयार की जाएगी। पर्यटन विभाग के मुताबिक गांव में नाली, खड़ंजा, सड़क, पार्क, धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल का सौंदर्यीकरण, खेलकूद मैदान, लाइट समेत सभी कार्य कराए जाएंगे। पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के सचिव मकबूल अहमद ने बताया कि सर्वे कराने के लिए मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
सदर तहसील के कस्बा पांचोंपीरन गांव में गोमती नदी के किनारे एक पुरानी मजार है। मजार पर वार्षिक मेला के साथ प्रत्येक बृहस्पतिवार को भी मेला लगता है। यहां मुस्लिमों के साथ ही हिंदू धर्म के लोग भी बड़ी संख्या में जाते हैं। गांव में केएनआईटी, इमामबाड़ा, दाता सत्य साईं आश्रम व एक पुराना हनुमान मंदिर है।
इसी तरह बल्दीराय तहसील के इसौली में रजवाड़ों का एक पुराना जर्जर किला टीला के रूप में मौजूद है। इसके बगल एक मजार भी है। गांव के कुछ दूर पर ही दाता करीम शाम का मेला प्रत्येक वर्ष बसंत पंचमी से एक माह तक चलता है। पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के सचिव मकबूल अहदम ने बताया कि डोभियारा में पुराना हनुमान मंदिर है। कादीपुर के रुपईपुर में एक पुरानी बड़ी झील है। इसके साथ गांव में एक देवी स्थान है।