सुल्तानपुर। व्यापारी को पीटने व जेसीबी से दीवार ढहाने के मामले में हुई डेढ़ साल की सजा के खिलाफ दायर अपील पर हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सोमवार को एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू व दो समर्थकों को रिहा करने का आदेश जारी कर दिया। कोर्ट के आदेश पर 14 दिन बाद पूर्व विधायक व एक समर्थक को जिला जेल से रिहा कर दिया गया, जबकि कुछ तकनीकी कमी के कारण एक समर्थक की रिहाई नहीं हो पाई।
धनपतगंज थाने के मायंग गांव निवासी व्यापारी बनारसी लाल कसौधन ने पीटने और जेसीबी से दीवार व गेट ढहाने का आरोप लगाते हुए 25 फरवरी 2021 को इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। छह जुलाई 2023 को एमपी-एमएलए की विशेष मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पूर्व विधायक और सह आरोपी अंशू उर्फ सूर्य प्रकाश सिंह व जेसीबी चालक रुकसार अहमद को दोषी मानते हुए डेढ़ वर्ष की कैद व प्रत्येक को 7,700 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई थी।
इस फैसले को चुनौती देने वाली पूर्व विधायक समेत तीनों आरोपियों की अपील बीती एक जून को एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट की एडीजे एकता वर्मा ने खारिज कर दी थी। चार जून को आरोपी रुकसार अहमद और 10 जून को पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू व अंशू उर्फ सूर्य प्रकाश सिंह कोर्ट में समर्पण कर जेल चले गए थे। उन्हें 20 जून को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी। सोमवार को पूर्व विधायक व दो अन्य का जमानतनामा बचाव पक्ष के अधिवक्ता रुद्र प्रताप सिंह मदन ने दाखिल किया तो कोर्ट ने उनकी रिहाई का आदेश जारी कर दिया। 14 दिन बाद पूर्व विधायक व अंशू उर्फ सूर्य प्रकाश सिंह जिला जेल से रिहा कर दिए गए, जबकि कुछ तकनीकी कमी के कारण रुकसार अहमद की रिहाई नहीं हो पाई।
समर्थकों ने ढोल-नगाड़े के साथ किया स्वागत
पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू के जेल से छूटने पर समर्थकोंं ने ढोल-नगाड़े के साथ स्वागत किया। उन्हें समर्थकों ने माला पहनाई और जमकर नारे लगाए।