सेमरी बाजार(सुल्तानपुर)। सूरत में दरिंदगी का विरोध करने पर पेट्रोल डालकर नाबालिग छात्रा को जिंदा जला दिया गया था। करीब दो महीने तक जिंदगी और मौत के बीच चली जंग में आखिरकार बिटिया हार गयी। बीते मंगलवार को अचानक बिगड़ी हालत के बाद छात्रा को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज शुरू होने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम के बाद बुधवार शाम पिता ने बेटी को अंतिम विदाई दी। पिता ने नम आंखों के साथ कहा कि जिंदा जलाने के दोषियों को सजा मिलने पर ही अब उसकी बिटिया की आत्मा को शांति मिलेगी। उन्हें कानून और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। वह बेटी को तो नहीं बचा सकें, लेकिन दोषियों को कड़ी सजा दिलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।
जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग छात्रा को बहरी गांव का महावीर अपने साथियों की मदद से सूरत भगा ले गया था। पिता की तहरीर पर उसके खिलाफ अपहरण का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। दो महीने पहले 28 मार्च को महावीर ने अपने मकान मालिक के साथ मिलकर छात्रा से दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर दोनों ने किशोरी पर पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जला दिया।
पड़ोसियों ने किसी तरह उसे बचाकर गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया। छात्रा के पिता ने एसपी से मुलाकात कर पूरी घटना के बारे में बताया। एसपी के आदेश पर पुलिस टीम ने सूरत में इलाज करा रही छात्रा को वापस लाकर लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। बीते दो माह तक चले इलाज के बाद वह 16 मई को वह घर वापस आई थी।
मंगलवार की दोपहर अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने पर बिरसिंहपुर अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया। लेकिन इलाज से पहले ही उसकी मौत हो गई। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो पूरा गांव गमगीन हो गया। पिता ने बेटी को अंतिम विदाई देते हुए उसे दफन कर दिया।