सुल्तानपुर। अप्रैल की गर्मी ने ही लोगों की हालत खराब कर दी है। भीषण गर्मी और लू के चलते डायरिया के मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। जिले में मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचसी तक रोज 50 से अधिक मरीज भर्ती हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने हालांकि हर अस्पताल में व्यापक इंतजाम कर रखे हैं, लेकिन 100 शैया वाले अस्पताल में जनरेटर न होने से कूल रूम गर्मी से तप रहा है।
करीब एक सप्ताह से मेडिकल कॉलेज में औसतन 10-11 मरीज डायरिया से पीड़ित आ रहे हैं। मंगलवार को भी मेडिकल काॅलेज की इमरजेेंसी में डायरिया के 11 मरीज डायरिया भर्ती थे। इसके अलावा ओपीडी में भी बड़ी संख्या में उल्टी और दस्त के मरीज आ रहे हैं। मेडिसिन की ओपीडी में डा़ॅ सुरजीत ने बताया कि उनकी ओपीडी में कुल 70 मरीजों में 10 मरीज उल्टी-दस्त से पीड़ित पाए गए। कहा कि खानपान में असावधानी, बासी खाना खाने व अशुद्ध पानी पीने से यह समस्याएं हो रही हैं। इसके अलावा गर्मी से बचाव भी जरूरी है। सीएचसी बल्दीराय में भी डायरिया के मरीज पहुंच रहे हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. रमेश यादव ने बताया कि अभी तक हीट स्ट्रोक का कोई मरीज नहीं आया है। डायरिया मरीजों के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं।
भदैंया सीएचसी में भी तीन मरीज भर्ती
भदैंया (सुल्तानपुर)। सीएचसी भदैंया में भी रोज डायरिया के मरीज आ रहे हैं। मंगलवार को बरुई की बिंदू को डिहाइड्रेशन होने से सीएचसी के जनरल वार्ड में भर्ती कराया गया है। इसी कक्ष में बेलामोहन की ममता भी भर्ती हैं, जो दस्त से परेशान हैं। वहीं बगल की बेड पर सीमा को लेकर दवा व इंजेक्शन लगवाने आए पति रामजतन बैठे मिले। चौथा बेड अभी खाली है। इसके अलावा ओपीडी में आने वाले अनेक मरीज भी उल्टी-दस्त जैसी समस्याओं से परेशान दिखे। मंगलवार को ओपीडी में कुल 250 मरीज आए। सीएचसी अधीक्षक डाॅ. आरपी सिंह ने बताया कि मुख्य द्वार के बगल ओआरएस काउंटर बना है, जहां सभी लोगों को ओआरएस घोल पिलाया जाता है। अस्पताल में 13 बेड और तीन बेड के दो कोल्ड रूम बनाए गए हैं, जहां पंखा व कूलर समेत इलाज के सभी इंतजाम हैं। सभी दवाएं भी उपलब्ध हैं। डायरिया को देखते हुए आशा कार्यकर्ताओं को भी अलर्ट किया गया है।
100 शैया के अस्पताल में जनरेटर बिना तप रहे गर्मी के मरीज
सेमरीबाजार। बिरसिंहपुर स्थित 100 शैया के अस्पताल में एसी, कूलर और पंखे लगे हैं। इसके बावजूद यहां पर मरीजों को गर्मी से जूझना पड़ रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आफताब रज़ा ने बताया कि मंगलवार को डायरिया के 15 मरीज ओपीडी में आए, जिसमे से दो मरीजों को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया है। फिजिशियन डॉ. एपी सिंह ने बताया कि उल्टी, दस्त और डायरिया के 25 मरीज ओपीडी में आए, जिनका उपचार करके दवा दी गई। इमरजेंसी वार्ड में पेट दर्द, उल्टी-दस्त और डायरिया के चार मरीज कैलाशा, आरती, प्रीति मिश्रा व सुदामा भर्ती मिले। सभी को ड्रिप लगाया गया है। यहां एसी और पंखे भी बंद पड़े थे। इस बारे में सीएमएस डॉ. राजकमल चौरसिया ने बताया कि बिजली कट गई थी और अस्पताल में जनरेटर उपलब्ध नहीं है।
सीएचसी मोतिगरपुर की इमरजेंसी में भर्ती हुए तीन मरीज
मोतिगरपुर। सीएचसी मोतिगरपुर में सुबह साढ़े दस बजे तीन बेड वाले इमरजेंसी कक्ष में क्षेत्र के लामा बनकठा निवासी 70 वर्षीय रामरती पत्नी ईश्वरदीन और ढेमा बाजार निवासी 11 वर्षीय हर्षिता पुत्री जय प्रकाश उपाध्याय को ड्रिप चढ़ाई जा रही थी। रामरती दो दिनों से तो हर्षिता ततीन दिनों से उल्टी-दस्त से परेशान थीं। हर्षिता को बुखार भी था। मंगलवार को दोनों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। 11 बजे डायरिया की मरीज ढेमा बाजार निवासी रामरती पहुंचीं, जिन्हें 20 मिनट बाद डॉ. जेपी के कक्ष में भर्ती कर ड्रिप लगाया गया। एक घंटे बाद चौहानपुर निवासी छाया सिंह (23) पुत्री मनोज कुमार और शाहपुर लपटा निवासी अमरावती (65) भी उल्टी-दस्त के इलाज के लिए पहुंची। यहां बताया गया कि सीएचसी में चपरासी साजिद अली (58) और नेत्र सहायक डॉ. राकेश मौर्य की पत्नी प्रीति मौर्य भी डायरिया के कारण भर्ती हैं। अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि अस्पताल में 30 बेड की व्यवस्था है] जिसमें 10 बेड आयुष्मान योजना के लिए आरक्षित हैं। डायरिया के मरीज के लिए अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं।
सभी सीएचसी पर कूल रूम बनाए गए हैं। दवा आदि का सारा इंतजाम है। यदि किसी को परेशानी हो तो वह मुझे सूचना दे सकता है। अभी तक हीट स्ट्रोक के केस रिपोर्ट नहीं हुए हैं। किंतु डायरिया के केस लगातार आ रहे हैं।
- डॉ. ओपी चौधरी, सीएमओ