फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sultanpur News: ईएमओ को नहीं मिली एंबुलेंस, वाराणसी में हुई मौत

Wed, 03 Apr 2024 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
विज्ञापन
डॉ. स्वतंत्र कुमार (फाइल फोटो)। स्रोत-परिजन
विज्ञापन
जयसिंहपुर (सुल्तानपुर)। क्षेत्र के बिरसिंहपुर स्थित 100 शय्या अस्पताल के ईएमओ की बुधवार सुबह वाराणसी के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। सोमवार देर रात उन्हें अचानक खून की उल्टी शुरू हुई थी। तमाम प्रयासों के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिल सकी थी। हालत बिगड़ने पर दोस्तों ने कार से ही वाराणसी पहुंचाया था। चर्चा है कि यदि समय पर बिरसिंहपुर अस्पताल में एंबुलेंस मिल गई होती तो शायद उनकी जान बच जाती।
विज्ञापन


मूल रूप से गाजीपुर जिले की जमनिया तहसील के भोजापुर गांव निवासी डॉ. स्वतंत्र कुमार (45) जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के बिरसिंहपुर स्थित 100 शय्या अस्पताल में ईएमओ पद पर तैनात थे। वह किडनी व लिवर की बीमारी से पीड़ित थे। वाराणसी से ही उनका इलाज चल रहा था।

सोमवार को दिन में ड्यूटी करने के बाद रात में अस्पताल परिसर स्थित आवास पर वह चले गए। रात करीब 11 बजे उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें खून की उल्टी होने लगी। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उन्हें किसी प्रकार से राहत नहीं मिली तो रात में एंबुलेंस की जरूरत पड़ी।
विज्ञापन


जब एंबुलेंस भी नहीं मिली तो उन्हें निजी कार से मंगलवार भोर वाराणसी ले जाया गया। वहां उन्हें एपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां बुधवार सुबह उनकी मौत हो गई। मौत से परिवार में चीख-पुकार मच गई। दिन में उनके निधन की खबर बिरसिंहपुर अस्पताल पहुंची तो स्वास्थ्य कर्मियों ने शोक जताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ईएमओ को उसी समय एंबुलेंस मिल गई होती तो शायद उनकी जान बच जाती।


चिकित्सक के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
डॉ. स्वतंत्र कुमार का वाराणसी के चितईपुर में अपना मकान भी है। वहां उनकी पत्नी वर्षा सिंह, पुत्र पार्थ (12) व पुत्री अनुविशा (डेढ़ वर्ष) रहते हैं। उनकी मौत से परिजनों में चीख-पुकार मच गई। वाराणसी से उनका शव अंतिम संस्कार के लिए गाजीपुर स्थित पैतृक गांव ले जाया गया। बताया जा रहा है कि वहीं पर उनका अंंतिम संस्कार होगा।


100 शय्या के अस्पताल में ही ईएमओ को नहीं मिला समुचित इलाज
डॉ. स्वतंत्र के साथ अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि उनका लिवर व किडनी खराब थी। इसके बाद भी वह रोज करीब 100 से अधिक मरीज देखते थे। सोमवार को भी दिन में उन्होंने करीब 100 मरीजों की ओपीडी की थी। इसके बाद वह अपने आवास पर गए थे। रात में जब उनकी तबीयत खराब हुई तो चिकित्सालय में डायलसिस व अन्य इलाज की व्यवस्था न होने के चलते उनकी हालत बिगड़ने लगी। मंगलवार भोर तक उन्हें एंबुलेेंस न मिलने पर निजी कार से वाराणसी ले जाया गया।


ऐसे चर्चा में आए थे डॉ. स्वतंत्र
डॉ. स्वतंत्र की तैनाती बिरसिंहपुर अस्पताल में बतौर ईएमओ के रूप में हुई थी। इस बीच उन्होंने वीडियो बनाकर आरोप लगाया था कि हम एक घंटे भी देर हो जाएं तो वेतन काट दिया जाता है। नोटिस दिया जाता है लेकिन अधिकारियों के चहेते 10-10 दिन नहीं आते। उन्हें पूछने वाला कोई नहीं है। मुझे जानबूझकर प्रताड़ित किया जा रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद उनका नाम चर्चा में आया था।


हालत गंभीर होने पर भेजा गया था वाराणसी

डॉ. स्वतंत्र का वीडियो काफी पुराना था। उनकी समस्याओं का निराकरण पहले ही हो गया था। सोमवार रात तबीयत खराब होने के बाद डॉ. आफताब व डॉ. फिरोज ने उनका इलाज किया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सा संसाधनों के अभाव में यहां से उन्हें वाराणसी भेजा गया था।
विज्ञापन

- डॉ. राजकमल चौरसिया। सीएमएस, बिरसिंहपुर अस्पताल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें