सुल्तानपुर। जिले में दो दिन की बारिश से शहर समेत ग्रामीण अंचलों की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। बिजली की खराबी को दूर करने में कर्मचारी रुचि नहीं ले रहे हैं। इसकी वजह से बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। शहर के केएनआई उपकेंद्र के उपभोक्ता बिजली की समस्या के विरोध में सोमवार को जिलाधिकारी समेत बिजली विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन देंगे। लंभुआ नगर पंचायत में तीन दिन बाद भी बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हो पाया। वहीं, धम्मौर फीडर से जुड़ी 10 हजार आबादी को 34 घंटे बाद बिजली नसीब हुई।
शहर के केएनआई उपकेंद्र से विनोबापुरी, लोलेपुर, एमजीएस मैदान, हथियानाला, सिविल लाइन मोहल्लों के साथ ही ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति होती है। पिछले एक सप्ताह से रात में नौ से 10 बजे बिजली गुल होती है तो रात 12 या एक बजे आती है। फिर कुछ देर में चली गई तो दूसरे दिन 11 बजे ठीक की जाती है। अधिवक्ता रुद्र प्रताप सिंह मदन व डॉ. कुंवर दिनकर प्रताप सिंह कहते हैं कि रात में जेई और एसडीओ फोन नहीं उठाते हैं। मोहल्लों की समस्या के बारे में जेई, एसडीओ, अधिशाषी अभियंता व अधीक्षण अभियंता भी जानते हैं। इसके बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। सोमवार को दोपहर 12 बजे सैकड़ों उपभोक्ता एकजुट होकर डीएम, सीडीओ व अधीक्षण अभियंता से मिलकर समस्या से निदान दिलाने की मांग करेंगे।
लंभुआ नगर पंचायत में आपूर्ति बदतर
लंभुआ (सुल्तानपुर)। नगर पंचायत के उपभोक्ताओं के लिए करीब दो किमी दूर पांडेयपुर गांव में विद्युत उपकेंद्र बनाया गया था। इस उपकेंद्र को एनटीपीसी टांडा से संबद्ध कर 132 केवी रजवारे रामपुर के उपकेंद्र से जोड़ा गया है। उस समय दावा किया जा रहा था कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सकेगी। शुक्रवार से गुल हुई बिजली शनिवार देर रात नगर पंचायत क्षेत्र में बहाल तो हुई लेकिन लो-वोल्टेज की वजह से इसका लाभ नहीं मिला। रविवार दोपहर करीब एक बजे बिजली बहाल की गई। सेमरी राजापुर निवासी शिक्षक ओमप्रकाश का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र होने के बावजूद 20 घरों के इस पुरवे में बिजली ग्रामीण क्षेत्र से बदतर है। एसडीओ मृत्युंजय शर्मा का कहना है कि बिजली गिरने की वजह से लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। इससे ही दिक्कत हुई है।
पूर्व विधायक ने ऊर्जा मंत्री के ओएसडी से की शिकायत
लंभुआ। पूर्व विधायक देवमणि द्विवेदी ने शनिवार की रात ऊर्जा मंत्री के ओएसडी मेजर विराट मिश्र से मिलकर विद्युत आपूर्ति की बदहाल दशा की शिकायत की। बाद में ऊर्जा मंत्रालय से स्थानीय उपभोक्ताओं से फोन पर फीडबैक भी मांगे गए थे। कई उपभोक्ताओं ने स्थानीय अभियंताओं की कारगुजारी की शिकायत भी की थी।
34 घंटे बाद बहाल हुई आपूर्ति
धम्मौर (सुल्तानपुर)। धम्मौर विद्युत उपकेंद्र से धम्मौर फीडर की लाइन में शनिवार भोर चार बजे फाॅल्ट आने से आपूर्ति ठप हो गई। इसके चलते मनियारपुर, पूरेअंगनू, पूरेकुबरा, पूरे राम मिश्र, पूरे भैरव समेत कई गांवों की 10 हजार आबादी को रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ी। उपभोक्ता विपिन मिश्रा, राजेंद्र मिश्र, राकेश कुमार व संतोष कुमार ने बताया कि तीन किमी के दायरे में विद्युत कर्मियों को फॉल्ट दिखाई नहीं दिया। इसकी शिकायत जब अधीक्षण अभियंता एके सिंह से की गई तब विभाग के कर्मियों ने पूरे गौरी गांव में हाईटेंशन लाइन पर गिरी पेड़ की डाल को हटवाया। रविवार दोपहर दो बजे 34 घंटे बाद आपूर्ति चालू की गई।