सुल्तानपुर। जिले में पांच जुलाई को किए गए 31 लाख रिकॉर्ड पौधरोपण का नतीजा बेहद निराश करने वाला है। पौधरोपण के महज आठ दिन के भीतर ही करीब अस्सी फीसदी पौधे सूख चुके हैं। पौधरोपण के नाम पर की जा रही खानापूरी एक बार फिर सामने आई है। किसी अधिकारी या कर्मचारी ने न तो पौधों की हालत की जानकारी ली और न ही संबंधित विभागों ने उनकी देखरेख करना मुनासिब समझा। जिन स्थानों पर बड़ी संख्या में पौधे लगाए गए थे, अब वहां जीवित पौधों को ढूंढ़ना पड़ रहा है।
वृहद पौधरोपण अभियान के तहत पांच जुलाई को एक दिन में करीब 30.96 लाख रिकॉर्ड पौधरोपण का दावा किया गया था। शहर से लेकर ग्राम पंचायतों तक चले अभियान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ सामाजिक संगठनों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। जिले में 43,41,704 पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पांच जुलाई को एक दिन में सुबह छह से शाम छह के बीच में 30,96,194 पौधे रोपित करने का दावा किया गया था। इसमें वन विभाग की ओर से 12,42,900 व अन्य विभागों की ओर से 18,53,294 पौधों का आंकड़ा शामिल था। छह व सात जुलाई को जिले में अलग-अलग स्थानों पर दो दिनों में 6,34,080 पौधे रोपित करने की बात कही गई थी।
वृहद पौधरोपण अभियान कार्यक्रम को करीब एक सप्ताह हो चुका है। इस बीच किसी अधिकारी, कर्मचारी व जनप्रतिनिधि ने अपने हाथ से रोपित किए गए पौधों की दशा देखना तक मुनासिब नहीं समझा। भीषण गर्मी में पौधे सिंचाई के अभाव में सूख गए। बुधवार को पौधरोपण अभियान की पड़ताल में करीब अस्सी फीसदी पौधे सूखे मिले।
वन विभाग की ओर से सुल्तानपुर सर्किल को सबसे बड़ा क्षेत्र माना गया है। पांच जुलाई को इस सर्किल के बल्दीराय ब्लॉक के रामपुर बबुआन व कुड़वार ब्लॉक की भांटी ग्राम सभा में 10-10 हजार पौधे एक दिन में वन विभाग की ओर से रोपित किए गए थे। इनमें जंगली बबूल, जामुन व सागौन समेत अन्य प्रजातियों के पौधे शामिल रहे। यहां 80 फीसदी पौधे सूखे मिले।
संवरने से पहले ही उजड़ गया शक्ति वन
शहर से सटे वलीपुर कस्बे में वन विभाग की ओर से पांच जुलाई को शक्ति वन की स्थापना की गई थी। यहां करीब 2200 पौधे रोपित किए गए थे। इनमें जामुन, शीशम, आम व सागौन समेत अन्य प्रजातियों के 2200 रोपित पौधों में से एक भी जीवित नहीं मिला। सभी पौधे सूख चुके हैं।
सूूख गए पूर्व माध्यमिक विद्यालय के सामने लगे पौधे
बल्दीराय विकास खंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बहुरावां के पास भी बड़ी संख्या में पौधे रोपित किए गए थे। ये पौधे सूख गए हैं। ब्लॉक में करीब 1,34,550 पौधे रोपित करने का लक्ष्य दिया गया है। कहां कितने पौधे रोपित हुए और उनकी क्या स्थिति है, इस संबंध में किसी को कोई जानकारी नहीं है।
दोस्तपुर ब्लॉक पर लगे पौधे भी सूखे
दोस्तपुर ब्लॉक मुख्यालय पर पांच जुलाई को रोपित पौधे सूख गये हैं। एडीओ पंचायत सुग्रीव वर्मा ने बताया कि विकास खंड क्षेत्र के गांवों में 1,12,406 पौधे रोपित करने के लिए संबंधित को दिए गए हैं। पौधरोपण की क्या स्थिति है, इसकी अपडेट उनके पास नहीं है।
पानी की व्यवस्था न होने से ज्यादातर पौधे सूख गए हैं। जल्द ही ट्रैक्टर व टैंकर से पानी की व्यवस्था कर पौधों की सिंचाई करवाई जाएगी। पौधों की सुरक्षा का प्रबंध भी किया जाएगा। कुछ पौधे नर्सरी में रखे गए हैं जिन्हें बारिश होने के बाद रोपित किया जाएगा।
-शिवशंकर सिंह, क्षेत्रीय वनाधिकारी