सुल्तानपुर। नए सड़क दुर्घटना कानून के विरोध में नववर्ष के पहले दिन ही रोडवेज, अनुबंधित व निजी बस चालक हड़ताल पर चले गए। इससे सुल्तानपुर डिपो की करीब 100 बसें खड़ी हो गईं। दोपहर 12 बजे तक बसों का संचालन नहीं हो सका। रोडवेज परिसर में बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यात्रियों से कहासुनी होने के बाद दोपहर बाद कुछ रूटों पर एआरएम ने निगम की बसों का संचालन करवाया। वहीं अनुबंधित बसें दिन भर खड़ी रहीं।
नए कानून के विरोध में सोमवार को रोडवेज की अनुबंधित बसों और निजी वाहनों के चालकों के साथ ट्रक चालकों ने भी हड़ताल की। चालकों ने प्रदर्शन कर नए कानून का विरोध किया। नए कानून में सड़क हादसा होने पर आरोपी वाहन चालक पर सजा व जुर्माने का प्रावधान है। चालक नए कानून का लगातार विरोध कर रहे हैं।
चालकों ने कहा कि वे रोजाना करीब 400 रुपये कमाते हैं। यदि हादसे में इस तरह से जुर्माना और सजा होगी तो परिवार भुखमरी के कगार पर आ जाएगा। जुर्माने की राशि कहां से देंगे। इसलिए ऐसा कानून न लाया जाए। सरकार ने जो कानून बनाया है, उसे वापस ले। जब तक सरकार कानून वापस नहीं लेगी, तब तक हम हड़ताल पर रहेंगे।
वाहन चालकों की हड़ताल से सोमवार दोपहर तक करीब 100 बसों का संचालन प्रभावित हुआ। बसों के न चलने से भड़के यात्रियों व अनुबंधित बस चालकों की एआरएम व अन्य रोडवेज अधिकारियों से बहस भी हुई। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर श्रीराम पांडेय भी रोडवेज परिसर पहुंचे। काफी देर तक जद्दोजहद के बाद मामला शांत हो सका।
दोपहर 12 बजे के करीब एआरएम नागेंंद्र पांडेय व बस स्टेशन प्रभारी अजय सिंह के नेतृत्व में रायबरेेली व अन्य कुछ रूटों पर नियमित बसों का संचालन शुरू कराया गया। एआरएम ने बताया कि दोपहर बाद निगम की बसों का संचालन शुरू करवा दिया गया है जबकि अनुबंधित बसों का संचालन नहीं हो सका है।
रोडवेज के बेड़े में शामिल ज्यादातर बसें हैं अनुबंधित
सुल्तानपुर। बस अड्डे पर सोमवार सुबह पहुंचे यात्रियों को परेशान होना पड़ा। सुल्तानपुर डिपो के बेड़े में करीब 114 बसें हैं। इनमें 60 बसें अनुबंधित व 54 बसें परिवहन निगम की हैं। गैर जनपदों के लंबे रूट के अलावा लोकल रूटों पर भी अनुबंधित बसें चलवाई जा रही हैं।
वाहन तलाशते रहे मुसाफिर
सुल्तानपुर। अयोध्या, बलिया, आजमगढ़, लखनऊ, जौनपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़, प्रयागराज, अमेठी, रायबरेली व आसपास के जिलों को जाने वाले यात्रियों को खासतौर पर परेशानी का सामना करना पड़़ा। रोडवेज की बसें न मिलने पर प्राइवेट सवारी वाहन की तलाश में लोग गोलाघाट और अन्य स्थानों पर पहुंचे तो वहां भी उन्हें कोई सवारी वाहन नहीं मिला।
पांचोपीरन के पास रोके गए वाहन
सुल्तानपुर। शहर से सटे पांचोपीरन कस्बे में सोमवार को नए कानून के विरोध में वाहन चालकों की हड़ताल से कुछ बसों को रास्ते में रोके जाने की जानकारी एआरएम को मिली। इसके बाद एआरएम ने पुलिस अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। इस पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने रास्ता खुलवाया।
प्राइवेट वाहनों पर दिखा हड़ताल का असर
सुल्तानपुर। नए कानून के विरोेध में सड़क पर उतरे निजी वाहन चालकों का व्यापक असर दिखाई दिया। शहर के पयागीपुर, गोलाघाट, गभड़िया, नार्मल चौराहा व करौंदिया स्टैंडों पर भी विभिन्न स्थानों को जाने वाले यात्रियों को काफी समस्या झेलनी पड़ी। गोलाघाट टैक्सी स्टैंड पर पहुंचे रामकुुमार ने बताया कि उनको कादीपुर जाना था। निजी वाहनों के न चलने से परेशानी हुई। (संवाद)
ग्रामीण क्षेत्रों में भी निजी वाहनों के न चलने से परेशान हुए लोग
कूरेभार/दोस्तपुर। नए कानून के विरोध में सोमवार को निजी वाहन चालकों ने सुबह से हड़ताल का समर्थन किया। कूरेभार, धनपतगंज, गुप्तारगंज व कटका समेत अन्य स्थानों पर वाहनों के लिए यात्री दिनभर परेशान हुए। दोस्तपुर से जिला मुख्यालय जाने वाले लोग सुबह प्राइवेट बसों व सरकारी बसों के न चलने से परेशान नजर आए।
ई-रिक्शा चालकों की हुई चांदी
सुल्तानपुर। निजी वाहन चालकों की हड़ताल से ई-रिक्शा चालकों की सोमवार को चांदी रही। शहर की सड़कों पर दिनभर बड़े पैैमाने पर ई-रिक्शा चलते रहे। वहीं सामान्य रूप से अधिक भाड़ा लेकर रिक्शा चालकों ने यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाया। अधिक भाड़ा मांगने की वजह से कुछ स्थानों पर रिक्शा चालकों व यात्रियों के बीच बहस भी हुई।