सुल्तानपुर। जिले के 45 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इसमें 1,548 मरीजों का उपचार हुआ। मझवारा पीएससी में डॉक्टर 10 दिन के अवकाश पर हैं। सराय गोकुल के डॉक्टर का तबादला हो गया है और देहली बाजार पीएचसी में किसी की तैनाती नहीं है। इसलिए इन तीनों जगह फार्मासिस्ट इलाज कर रहे हैं।
पीएचसी विजेथुआ में डाॅ. प्रकाश त्रिपाठी ने मरीजों की जांच की। पीएचसी विंदेश्वरीगंज में डॉ. एसपी सिंह ने मरीजों का परीक्षण कर उन्हें दवाइयां दीं। धनपतगंज क्षेत्र की पीएचसी देहलीबाजार व सरायगोकुल में अल्कलाईजर सीरप मरीजों को नहीं मिली। चिकित्सकों ने बताया कि इसकी अनुपलब्धता सीएचसी और सभी पीएचसी पर लंबे समय से बनी है।
धम्मौर पीएचसी में 30 मरीजों का इलाज कर उन्हें दवाइयां दी गईं। डॉ. आशुतोष पांडेय ने बताया कि सर्दी, खांसी व बुखार से पीड़ित मरीज अधिक रहे। धनपतगंज क्षेत्र के मझवारा पीएचसी पर गैस की दवा, बीटाडीन लोशन और बीटाडीन क्रीम ट्यूब नहीं थी। चिकित्सकों ने बताया कि इन दवाओं को मरीजों को बाहर से ही खरीदना पड़ता है।
दोस्तपुर की पीएचसी छीतेपट्टी में खांसी, बुखार व दर्द के मरीज अधिक रहे। पीएचसी विजेथुआ में चिकित्साधिकारी डाॅ. प्रकाश त्रिपाठी ने 21 मरीजों का परीक्षण किया। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मरीज बुखार व पेट रोग से पीड़ित रहे।
पीएचसी विंदेश्वरीगंज में 60 मरीजों का इलाज डॉ. एसपी सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि सिर दर्द व बुखार के सबसे अधिक मरीज रहे। लंभुआ क्षेत्र के तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 88 मरीज देखे गए। बताया गया कि उल्टी व दस्त के मरीज अधिक रहे। सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी ने बताया कि 1548 मरीजों का इलाज कर उन्हें दवाइयां दी गईं।
सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी ने बताया कि बड़ी संख्या में चिकित्सकों के तबादले हो रहे हैं। सुल्तानपुर से जितने चिकित्सकों के तबादले हुए हैं, उनकी जगह अभी तैनाती नहीं हुई है। इसलिए यह समस्या पैदा हो रही है। 10- 15 दिन में स्थितियां सामान्य हो जाएंगी।