सुल्तानपुर। विकास विभाग से जुड़ी ग्रामीणों की समस्याओं के निस्तारण व पात्रों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संचालित गांव चौपाल कार्यक्रम अपनी राह से भटक गया। अब सिर्फ आश्वासन पर गांव की चौपाल चल रही है। अधिकारियों के रुख को देखते हुए चौपाल में ग्रामीणों का पहुंचना कम हो गया है।
जिले के 14 विकास खंडों की 28 ग्राम पंचायतों में शुक्रवार को गांव चौपाल का आयोजन किया गया, लेकिन किसी भी गांव की चौपाल में कोई जिला स्तरीय अधिकारी नहीं पहुंचा। इसकी वजह से ब्लॉक के कर्मचारियों, अधिकारियों व ग्राम प्रधानों के भरोसे गांव चौपाल के आयोजन की खानापूर्ति की गई। कादीपुर की ग्राम पंचायत हीगुन गौरा और पड़ेला में आयोजित ग्राम चौपाल का यही हाल रहा। इसमें आवास के संबंध में दो शिकायतें आईं। दोनों शिकायतों का मौके पर निस्तारण करना दर्शाया गया।
ग्राम पंचायत पड़ेला की चौपाल में आवास से संबंधित दो एवं पेंशन से संबंधित एक शिकायत आई। तीनों के निस्तारण का दावा किया गया। दोनों चौपाल में खंड विकास अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्र ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इसमें प्रधान आरती, प्रधान प्रीति मिश्रा आदि मौजूद रहे। करौंदीकलां के चतुर्भुजपुर व बूढ़ापुर गांव में आयोजित चौपाल में कम संख्या में लोग पहुंचे।
अधिकारियों में सिर्फ एडीओ पंचायत व आईएसबी ही मौजूद रहे। दोनों ग्राम पंचायतों में पेंशन, आवास, किसान सम्मान निधि से संबंधित आई समस्याओं का निस्तारण नहीं हो सका। एडीओ पंचायत अनिल यादव ने बताया कि संबंधित को निस्तारण का निर्देश दिया गया है। कुड़वार के बुकुनपुर व प्रतापपुर प्रथम गांव में चौपाल का आयोजन किया गया। एडीओ आईएसबी सुभाष सिंह की मौजूदगी में आई कुछ शिकायताें को सुना गया।