जिला पंचायत की बैठक में मौजूद विधायक व अधिकारी।
सुल्तानपुर। आगामी वित्तीय वर्ष में जिला पंचायत की ओर से 84.84 करोड़ रुपये से विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे। बृहस्पतिवार को सभागार में हुई बैठक में सर्वसम्मति से जिला पंचायत के सालाना बजट को मंजूरी मिल गई। बैठक में अन्य विभागों की ओर से कराए जाने वाले कार्यों पर चर्चा हुई। विधायकों ने विभागों की ओर से कार्यों की सूचनाएं नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई।
जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रशासनिक अधिकारी दिनेश सिंह ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 84.84 करोड़ का बजट सदन के सामने पेश किया गया। अपर मुख्य अधिकारी हरिओम नारायण चंद ने विभिन्न कार्यों के बारे में सदन के सदस्यों व अधिकारियों को जानकारी दी।
चर्चा के बाद सदन की ओर से आगामी वित्तीय वर्ष के लिए पेश 84.84 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी गई। बैठक में मनरेगा के कन्वर्जन कॉस्ट से शारदा सहायक खंड 16 व भूमि संरक्षण विभाग की ओर से चालू वित्तीय वर्ष में कराए जाने वाले कार्यों की प्रस्तावित सूची सदन में रखी गई। चर्चा के बाद सदस्यों ने सूची का अनुमोदन कर दिया।
इसके पहले जिला पंचायत की पुरानी कार्ययोजना पर चर्चा हुई। पिछली बैठक की कार्यवाही की भी सदन ने स्वीकृति दे दी। बैठक में एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने धनपतगंज के मधुकरा प्राथमिक विद्यालय को ध्वस्त कराने के बाद कराए जा रहे निर्माण में ज्यादा धनराशि का भुगतान किए जाने का मामला उठाया। कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से गलत जांच रिपोर्ट दी जा रही है।
इस पर जांच करके कार्रवाई का आश्वासन बीएसए की ओर से दिया गया। विधायक विनोद सिंह, सदर विधायक राज प्रसाद उपाध्याय व अन्य लोगों ने विभागों की ओर से कराए जा रहे कार्यों व जनहित की समस्याओं को समय से निस्तारित नहीं किए जाने का प्रकरण उठाया।
सीडीओ अंकुर कौशिक ने विभागीय अधिकारियों को माननीयों की ओर से बताए जाने वाले जनहित के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करते हुए सूचना देने का निर्देश दिया। बैठक में विधायक राजेश गौतम, विधायक सीताराम वर्मा, कई ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य व विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।