सुल्तानपुर। भारतीय न्याय संहिता के तहत यूपी कॉप एप को अपडेट कर दिया गया है। चांदा थाना क्षेत्र के सोनावां गांव में सगे भाइयों की करंट से मौत होने के मामले में दर्ज एफआईआर के सातवें कॉलम में अभियुक्तों का ब्योरा लिखा गया है। अपडेट एफआईआर से अब वादकारियों को दर्ज मुकदमें में अभियुक्तों के ब्योरे को समझने में आसानी होगी।
सोमवार से लागू नए कानूनों के तहत यूपी कॉप एप पर दर्ज होने वाली एफआईआर का सातवां कालम दो दिन से रिक्त दर्शा रहा था। यूपी कॉप एप से डाउनलोड की जाने वाली एफआईआर की कॉपी के सातवें कालम में ज्ञात, अज्ञात, संदिग्ध का पूरा ब्योरा सहित वर्णन कालम में शून्य दर्शा रहा था। यूपी कॉप एप पर सोमवार को कोतवाली नगर में तीन केस अपलोड किए गए थे। तीनों केस में अभियुक्तों के नाम, पता व संख्या नहीं अपलाेड की गई थी।
बुधवार को शाम पांच बजे तक कोतवाली नगर में एक भी एफआईआर यूपी कॉप एप पर अपलोेड नहीं की गई थी। चांदा थाने में बुधवार सुबह 8:35 बजे दर्ज एफआईआर में सातवें कालम में अभियुक्तों का ब्योरा अपलोड हो गया था। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक रवींंद्र सिंह ने बताया कि नए कानून के तहत दर्ज होने वाली एफआईआर के सभी कॉलम में घटना से जुड़ा संपूर्ण ब्योरा लिखा जा रहा है।
शिकायत के प्रकार पर होगी ई-एफआईआर
यूपी कॉप की ई-एफआईआर में शिकायतों के प्रकार को दर्ज करना अनिवार्य रहेगा। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ई-एफआईआर के दो ऑप्शन हैं। एक दस्तावेज गुमशुदगी का है। दूसरे में शिकायत के प्रकार को चुनने के बाद ही एफआईआर दर्ज होगी। इसमें छह प्रकार दिए गए हैं। लूट, साइबर क्राइम, बच्चों की गुमशुदगी, सेंधमारी, चोरी व नकली मुद्रा की शिकायत का प्रकार चयन करना पड़ेगा। शिकायत लिखने के लिए अधिकतम सीमा तीन हजार शब्दों की रहेगी। सीमा के तहत आने वाली शिकायतों की प्राथमिकी दर्ज होगी।