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Sultanpur News: जिला कारागार से फोन पर मांगी पांच लाख की रंगदारी

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दोहरे हत्याकांड के आरोपी ने जेल से अलग-अलग नंबरों से 20 बार फोन कर दी धमकी
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गोसाईगंज के पीड़ित ने पुलिस को सौंपी मोबाइल नंबरों की सूची, तीन के खिलाफ केस दर्ज

संवाद न्यूज एजेंसी
सुल्तानपुर। जेल परिसर में सुरक्षा इंतजाम के तमाम दावे कागजी साबित हो रहे हैं। इसके चलते ही दोहरे हत्याकांड के मामले में सुल्तानपुर जिला कारागार में बंद एक आरोपी ने फोन कर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी है। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस जेल में बंद कैदी के साथ ही तीन लोगों के खिलाफ रंगदारी मांगने का केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। पीड़ित का कहना है कि जेल में बंद कैदी ने उसे धमकाने के लिए अलग अलग नबंरों से करीब बीस बार फोन किया। जेल से आए इन मोबाइल नंबरों की सूची भी पुलिस को उपलब्ध कराई गई है। जेल प्रशासन भी जेल में हो रहे मोबाइल के प्रयोग से अलर्ट हो गया है।
गोसांईगंज थाना क्षेत्र के इटकौली गांव निवासी जियाउल कमर सिद्दीकी अपने बड़े भाई के सिविल लाइंस स्थित मकान में रहते हैं। एक मारपीट के सिलसिले में वह नवंबर 2022 से अप्रैल 2023 के बीच में जिला कारागार में बंद थे। उनका आरोप है कि जेल में उसकी मुलाकात दोहरे हत्याकांड में बंद जलालुद्दीन निवासी मद्दौर थाना मुसाफिरखाना, जिला अमेठी से हुई। जब वह जमानत पर रिहा होकर बाहर आया तो जलालुद्दीन ने जेल से फोन पर उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। आरोप है कि वह फोन कर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांग रहा है। बताया कि आरोपी जलालुद्दीन का समधी रियाज उर्फ मुल्ला प्रधान निवासी गभड़िया भी उन्हें रंगदारी न चुकाने पर जान से मार डालने की धमकी देता है।
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आरोप लगाया कि जेल में बंद आरोपी व उनका रिश्तेदार उनकी हत्या करवाने के लिए अज्ञात बदमाशों से रेकी करवा रहे हैं। पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली नगर पुलिस ने आरोपी जलालुद्दीन, रियाज उर्फ मुल्ला प्रधान और एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जैमर को क्रैक कर रहे नई टेक्नालॉजी के मोबाइल
जेल में नौ जैमर लगे हैं। अफसरों का दावा है कि यह जैमर जेल परिसर में सभी मोबाइल सेवा प्रदाताओं के नेटवर्क को जाम करने का काम करते हैं। जेल अफसरों की माने तो नई टेक्नालॉजी के मोबाइल सेट इन जैमर को क्रैक कर आसानी से नेटवर्क पकड़ लेते हैं। बताया कि जेल परिसर में पहले टू-जी फोन पकड़ने वाले जैमर लगाए गए थे जबकि प्रयोग में फाइव-जी तकनीक का चलन आ गया है।
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जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। नियमित रूप से बैरकों का निरीक्षण कर बंदियों की तलाशी भी हो रही है। यदि जेल से मोबाइल के जरिए धमकी देकर रंगदारी मांगी गई है तो इसकी गहन जांच कराई जाएगी।
-अनिल गौतम, जेल अधीक्षक, जिला कारागार, सुल्तानपुर।
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