कुड़वार (सुल्तानपुर)। भदहरा तालाब के पास रविवार रात एक युवक का तीन युवकों ने अपहरण कर लिया। उसे चुनहा के पास ले गए और तमंचे से फायर कर जान लेने की कोशिश की। गोली मिस होने पर लोहे के रॉड से पिटाई की गई। अपहरण से नाराज ग्रामीणों ने रात में ही बाजार में सड़क पर जाम लगा प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने करीब दो घंटे बाद लहूलुहान हालत में अपहृत युवक को सधारीपुर के पास से खोज निकाला। पिता की तहरीर पर सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया।
कुड़वार थाना क्षेत्र के भदहरा निवासी संदीप गुप्ता (20) की 13 मई को मामूली बात पर गजेहड़ी निवासी सकलैन से मारपीट हुई थी। संभ्रांत लोगों के समझाने-बुझाने पर मामले में सुलह-समझौता हो गया था। आरोप है कि रविवार रात करीब नौ बजे सकलैन अपने पांच-छह साथियों के साथ तीन बाइक से भदहरा तालाब के पास पहुंचा और वहां मौजूद संदीप को मारपीट कर जबरन बाइक पर बैठाकर फरार हो गया।
घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बाइक सवार लोगों का पीछा किया लेकिन तब तक वे काफी दूर जा चुके थे। संदीप का अपहरण किए जाने की सूचना क्षेत्र में आग की तरह फैल गई और सैकड़ों ग्रामीणों ने भदहरा बाजार पहुंचकर कुड़वार-हलियापुर मार्ग पर जाम लगा प्रदर्शन शुरू कर दिया।
ग्रामीणों की मांग रही कि संदीप को जल्द से जल्द ढूंढ़ा जाए नहीं तो उसकी हत्या हो सकती है। सूचना मिलते ही एएसपी विपुल श्रीवास्तव दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गए। रात में ही एसओजी टीम के साथ कई थानों की पुलिस को सक्रिय कर दिया गया।
रात करीब 11 बजे लहूलुहान हालत में संदीप पुलिस को सधारीपुर गांव के पास मिल गया। पुलिस ने उसको अस्पताल पहुंचाया। संदीप के मिलने के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। पुलिस ने संदीप के पिता रामकृपाल गुप्ता की तहरीर पर सकलैन, मुकीम उर्फ मुक्कन, शमशेर निवासीगण गजेहड़ी थाना कुड़वार और चार अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमला, अपहरण समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस एक युवक को हिरासत में लेकर फरार होने वाले अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ कर रही है।
चुनहा के पास जीप से उतारकर तमंचे से मारी गोली
अपहर्ताओं के चंगुल से बचकर सधारीपुर के पास पहुंचे संदीप ने बताया कि सकलैन आदि उसे बाइक से लेकर रूपापुर मोड़ के पास पहुंचे थे जहां पहले से खड़ी जीप में उसे डाल दिया गया। जीप में बैठे चार लोगों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद उसे चुनहा के पास ले गए और वाहन से नीचे उतारकर तमंचे से उसपर फायर कर दिया। गोली मिस होने पर लोहे के रॉड से उसकी पिटाई की। इस बीच अंधेरे का फायदा उठाकर वह खेतों के रास्ते सधारीपुर पहुंचा। वहां पुलिस को देखकर उसने शोर मचाया और अपने पास बुलाया।