सुल्तानपुर। शहर के प्रमुख चौराहों पर टैक्सी व निजी बसें धड़ल्ले से सवारियां ढो रही हैं। इससे परिवहन विभाग को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। सवारी बैठाने को लेकर प्राइवेट बस व रोडवेज के कर्मियों के बीच कई बार कहासुनी भी हो चुकी है। बावजूद इसके यातायात पुलिस व एआरटीओ इससे अंजान बने हुए हैं।
यातायात नियमों से बेपरवाह डग्गामार वाहन (अनधिकृत वाहन) जिला मुख्यालय से लेकर कस्बों के विभिन्न मार्गों पर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। इन वाहनों में सवारियां भी मानक से ज्यादा भरी जाती हैं। अनियंत्रित व फर्राटा भर रहे ये वाहन हादसों का सबब भी बनते हें। जिन मार्गों पर डग्गामार वाहनों का संचालन हो रहा है, वहां रास्ते में कई पुलिस चौकियां हैं। पयागीपुर और अमहट चौराहे के पास पुलिस चौकी बनी है। अमहट चौराहे के पास में ही एआरटीओ दफ्तर और रोडवेज वर्कशाप है। इसके बावजूद कार्रवाई का न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। अमहट से लखनऊ के लिए व पयागीपुर चौराहे से चौबीस घंटे प्रतापगढ़ व जौनपुर के लिए डग्गामार वाहन सवारी ढो रहे हैं।
इन स्थानों पर खुलेआम हो रही डग्गामारी
शहर के रोडवेज बस स्टैंड, पयागीपुर चौराहा, अमहट चौराहा, गोलाघाट, करौंदिया व मालगोदाम तिराहे पर डग्गामार वाहन दिनभर सवारियां भरते देखे जा सकते हैं। लोगों को भूसे की तरह गाड़ियों में ठूंसकर भरा जाता है।
रोजाना चलाया जाता है चेकिंग अभियान
अनधिकृत वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान रोजाना चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है। बुधवार को पयागीपुर और बृहस्पतिवार को अमहट चौराहे पर एक-एक वाहन का चालान किया गया था। साथ ही अनधिकृत वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
- नंद कुमार, एआरटीओ
समय-समय पर चलाया जाता है अभियान
शहर में अनधिकृत वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित है। इसके बाद भी यदि कोई डग्गामार वाहन आता है तो गलत है। समय-समय पर वाहन चेकिंग अभियान चलाया जाता है।
- चंद्रभान वर्मा, टीआई