अमहट (सुल्तानपुर)। ट्रॉमा सेंटर परिसर स्थित सीटी स्कैन मशीन तकनीकी खामी के चलते तीन दिनों से ठप है। इसके चलते मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। मजबूरी में उन्हें निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है। बाहर से जांच कराने में उनकी जेब ढीली हो रही है। विभागीय अधिकारी इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं जिससे मरीज परेशान हैं।
पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी मॉडल) व्यवस्था के तहत संचालित सीटी स्कैन जांच केंद्र (अमहट) की हालत इन दिनों खराब है। शनिवार दोपहर बाद तकनीकी खराबी के चलते मशीन का संचालन ठप हो गया। केंद्र प्रभारी सुरेश विश्वकर्मा ने इसकी जानकारी मेडिकल कॉलेज प्रशासन व केंद्र संचालक कंपनी क्रस्ना डायग्नोस्टिक सेंटर के अधिकारियों को दी।
स्थानीय कर्मियों के प्रयास के बाद भी मशीन की खामी दूर नहीं की जा सकी। रविवार को दिल्ली से आई इंजीनियरों की टीम ने मशीन की खामी दूर करने का प्रयास किया लेकिन उन्हें भी सफलता नहीं मिली। लिहाजा 72 घंटों से ज्यादा समय से सीटी स्कैन जांच सेवा बाधित है।
प्रतिदिन औसतन 60 मरीजों की होती है जांच
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अधीन सीटी स्कैन जांच केंद्र में रोजाना औसतन 60 से 70 मरीजों की जांच की जाती है। बीमारी के बारे में समय से जानकारी न होने के कारण रोगियों को अपेक्षित इलाज नहीं मिल पा रहा है। दुर्घटनाओं में जख्मी लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐसे मरीजों को मजबूरन निजी डायग्नोस्टिक सेंटर से रुपये खर्चकर जांच करानी पड़ रही है।
धम्मौर निवासी विनय ने बताया कि सोमवार को वह अपनी मां की जांच कराने के लिए सीटी स्कैन सेंटर गए। मशीन खराब होने की वजह से उन्हें लौटना पड़ा। इसी तरह सोमवार को सीटी स्कैन सेंटर पर पहुंचे दोस्तपुर निवासी सना, लंभुआ निवासी एसबी सिंह व दूबेपुर निवासी राजनाथ वर्मा की भी जांच नहीं हो पाई। इन लोगों को भी निराश होकर लौटना पड़ा।
दिल्ली से मंगवाया गया नया केबल
तकनीकी विशेषज्ञों की जांच में पता चला है कि सीटी स्कैन मशीन की ऑप्टिक फाइबर केबल फुंक गया है। दिल्ली से नया केबल मंगवाया गया है। मंगलवार तक जांच सेवा बहाल करा दी जाएगी।
- डॉ. एसके गोयल, सीएमएस मेडिकल कॉलेज।