ग्राम प्रधान पति की हत्या के करीब तीन वर्ष बाद बृहस्पतिवार को उनके भाई एवं प्रधान प्रतिनिधि को तीन युवकों ने गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना पर जिला अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। एसपी को भी ग्रामीणों के रोष का सामना करना पड़ा। पीड़ित परिवारीजनों का आरोप है कि हमलावर लगातार प्रधान प्रतिनिधि से हत्या के मुकदमे में सुलह-समझौते के लिए दबाव बना रहे थे। इंकार करने पर उन्हें गोली मार दी गई।
कोतवाली देहात क्षेत्र के सराय अचल गांव की प्रधान उर्मिला यादव के पति घनश्याम यादव की 28 मार्च 2013 की रात बदमाशों ने धारदार हथियार से मारकर हत्या कर दी थी। घनश्याम के छोटे भाई जैसराज यादव की तहरीर पर पुलिस ने जय प्रताप, जय प्रकाश, राम प्रसाद और शीबू उर्फ सागर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी जमानत पर जेल से बाहर हैं। जैसराज बृहस्पतिवार को भदैंया ब्लॉक गए थे। करीब ढाई बजे जैसराज बाइक से सुल्तानपुर शहर जा रहे थे। रास्ते में हनुमानगंज के पास एक बाइक पर सवार तीन युवकों ने उन्हें ओवरटेक करके गोली मार दी। गोली लगने के बाद भी जैसराज हिम्मत दिखाते हुए बाइक लेकर सीधा कोतवाली देहात थाने पहुंच गए। थाने में बाइक खड़ी करते ही वे गिर पड़े। एसओ आशुतोष मिश्र को जैसराज ने खुद को गोली लगने की बात बताई और बेहोश हो गए। पुलिस ने जैसराज को जिला अस्पताल पहुंचाया।
घटना की सूचना पाते ही सराय अचल के तमाम ग्रामीण और लंभुआ विधायक संतोष पांडेय व सपा जिलाध्यक्ष प्रो. राम सहाय यादव भी अस्पताल पहुंच गए। ग्रामीणों की जिला अस्पताल में मौजूद एएसपी प्रद्युम्न सिंह, सीओ सिटी नवीन कुमार सिंह, कोतवाल वीपी सिंह से तीखी नोकझोंक हुई। अस्पताल पहुंचे एसपी विनय कुमार यादव को भी लोगों का रोष झेलना पड़ा। चिकित्सकों ने जैसराज की हालत को गंभीर देख ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया।
इनसेट
दूसरी बार चुनी गई प्रधान
भदैंया। सराय अचल गांव निवासी घनश्याम यादव की पत्नी उर्मिला यादव दूसरी बार प्रधान चुनी गई हैं। पति की मौत के बाद ग्रामीणों ने उर्मिला को गांव की पंचायत की सर्वोच्च कुर्सी तक पहुंचाया।
दहशत में प्रधान का परिवार
भदैंया (सुल्तानपुर)। सराय अचल निवासी तुलसी राम यादव के पांच बेटे थे। बड़े बेटे घनश्याम की हत्या के बाद परिवार दहशत में है। घनश्याम के भाई राम सजीवन सबसे बड़े हैं। तीसरे नंबर पर घनश्याम थे। रमेश यादव मझले हैं। घनश्याम से छोटे उदयराज व जैसराज हैं। भाई की हत्या के बाद जैसराज की ही तहरीर पर केस दर्ज किया गया था। जैसराज केस की पैरवी कर रहे थे।