सात दिन पहले घर से घास काटने निकली दलित किशोरी की हत्या कर दी गई। गांव के बाहर एक बाग में रविवार की सुबह निर्वस्त्र हालत में शव पाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने किशोरी के साथ रेप की आशंका जताई है। बेटी के लापता होने के बाद से ही पिता थाने की परिक्रमा करता रहा लेकिन पुलिस ने गुमशुदगी का केस तक दर्ज करना मुनासिब नहीं समझा।
लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 15 वर्षीय दलित किशोरी बीते 14 फरवरी की शाम घर से घास काटने के लिए निकली थी। जब किशोरी घर नहीं लौटी तो परिवारीजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। दूसरे दिन लड़की का पिता बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराने लंभुआ कोतवाली पहुंचा तो पुलिस कर्मियों ने उसे यह कहकर टरका दिया कि वापस आ जाएगी। लड़की का पिता छह दिनों तक रोजाना बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराने कोतवाली जाता रहा लेकिन पुलिस ने न तो केस दर्ज किया और न ही लापता किशोरी को ढूंढने का प्रयास। रविवार की सुबह पड़ोस के गांव रामपुर कुर्मियान निवासी रामकुमार यादव की बाग में किशोरी का शव निर्वस्त्र हालत में पाया गया।
किशोरी के दोनों पैर बंधे थे। देखते ही देखते इस बात की खबर आस-पास के गांवों में फैल गई। लापता बेटी की उम्मीद में पिता भी घटनास्थल पर पहुंच गया। पिता ने शव की शिनाख्त बेटी के रूप में की। सूचना के बाद एएसपी प्रद्युम्न सिंह, लंभुआ कोतवाल सुरेश पांडेय घटनास्थल पर पहुंच गए। एएसपी ने पीड़ित परिवार से पूछताछ की। इस बाबत लंभुआ कोतवाल सुरेश पांडेय ने बताया कि किशोरी की हत्या हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद दुष्कर्म के बारे में कुछ कहा जा सकता है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद केस दर्ज किया जाएगा।