गुन्नौर गांव की दलित महिला प्रधान का पुश्तैनी मकान विपक्षियों ने ढहा दिया। महिला प्रधान ने इसका विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल पर निर्माण कार्य रुकवा दिया। एसपी ने प्रकरण की जांच सीओ मुसाफिरखाना को सौंपी है।
मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के गुन्नौर गांव की दलित विमलेश पत्नी राम शंकर नवनिर्वाचित प्रधान हैं। पंचायत चुनाव से पहले गांव के ही कुछ लोगों ने दलित महिला के ससुर रामसुमेर से उसके पुश्तैनी मकान का बैनामा करा लिया था। महिला को जब इसकी जानकारी हुई तो उसने एसडीएम मुसाफिरखाना से बैनामे की वैधता की शिकायत की। वह मामला एसडीएम के यहां विचाराधीन है। तब से महिला ग्राम प्रधान अपने बच्चों के साथ उस मकान में रह रही थी।
सोमवार की शाम दलित महिला प्रधान अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ घर में थी। तभी गांव के ही राकेश सिंह, सुरेश सिंह, बृजेश सिंह, अजीत सिंह, अमित सिंह, आशीष सिंह व रवि सिंह फावड़ा और सब्बल लेकर पहुंच गए। विपक्षियों ने महिला प्रधान के पैतृक आवास को खोदकर गिरा दिया। आरोप है कि महिला प्रधान विमलेश ने इसका विरोध किया तो विपक्षियों ने जान से मारने की धमकी दी। पुलिस रात में ही घटनास्थल का निरीक्षण कर वापस लौट गई। मंगलवार की सुबह कोतवाल दीपेंद्र सिंह ने राकेश सिंह को कोतवाली बुलाकर भूखंड पर किसी भी तरह के निर्माण कार्य न करने की चेतावनी दी।