बौरा जगदीशपुर गांव के पास रविवार की शाम एक महिला को कार ने रौंद दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद कार अनियंत्रित होकर पलट गई। चालक को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने छोड़ दिया। इससे नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जाम खुलवाने पहुंची पुलिस से ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक हुई। ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पत्थरबाजी होते ही पुलिस कर्मी जान बचाकर घटना स्थल से भाग खड़े हुए। करीब तीन घंटे बाद प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारियों ने हल्का बल प्रयोग कर जाम खुलवाया।
जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के देवरी तारनपट्टी निवासी राजेंद्र कुमार की पत्नी मालती देवी (35) रविवार को पैदल ही बौरा जगदीशपुर गांव रिश्तेदारी गई थी। शाम को वापस लौटते समय बौरा जगदीशपुर गांव के मोड़ के पास कार ने मालती को रौंद दिया। दुर्घटना में मालती की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद कार लेकर भाग रहा चालक अपना संतुलन तिंदौली गांव के पास खो बैठा और कार पलट गई। स्थानीय लोगों ने चालक को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। थोड़ी देर बाद पुलिस ने चालक को छोड़ दिया। इसकी जानकारी जैसे ही ग्रामीणों को मिली तो वे उग्र हो गए। ग्रामीणों ने बौरा जगदीशपुर मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जाम खुलवाने पहुंची पुलिस से ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक हुई। विवाद बढ़ने पर ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पत्थरबाजी से जान बचाकर भागे पुलिस कर्मियों ने घटना से पुलिस के अधिकारियों को अवगत कराया। सूचना के बाद एएसपी प्रद्युम्न सिंह के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस व एसडीएम जयसिंहपुर रमेश शुक्ला घटना स्थल पर पहुंच गए।
परिवार में मचा कोहराम
सेमरी बाजार। देवरी तारनपट्टी निवासी राजेंद्र कुमार के परिवार में पत्नी मालती देवी और चार बच्चे हैं। इनमें जानकी, क्रांति, धमेंद्र और सचिन हैं। राजेंद्र लुधियाना में मजदूरी करता है जबकि मालती बच्चों के साथ गांव में ही रहती थी। मालती की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।