शुद्ध जल उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे वाटर प्लांट संचालकों के यहां बुधवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने पुलिस के साथ ताबड़तोड़ छापा मारा। छापे के दौरान सिरवारा रोड पर एक प्लांट अवैध रूप से चलता पाया गया। टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर मशीन को सीज कर दिया। प्लांट से पानी का नमूना लेने के बाद उसे लैब में जांच के लिए भेजा गया है। टीम के छापे के दौरान कई अन्य अवैध संचालक प्लांट बंद कर फरार हो गए। अचानक खाद्य एवं औषधि प्रशासन की छापेमारी से पानी का कारोबार करने वालों में हड़कंप मचा रहा।
मुख्य खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन एनएन झा को मंगलवार की सुबह सूचना मिली कि शहर क्षेत्र में शुद्ध पानी मुहैया कराने के नाम पर काला कारोबार खूब फलफूल रहा है। रातों-रात टीम तैयार की गई। कोतवाली से एक एसआई प्रमोद यादव समेत पांच सिपाहियों को साथ लिया गया। बुधवार की सुबह साढ़े 10 बजे पुलिस टीम जिला अस्पताल में स्थित खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के दफ्तर पहुंची। उसके बाद टीम ने शहर के सिरवारा रोड पर स्थित एक वाटर प्लांट पर छापा मार दिया। छापे के दौरान वाटर प्लांट अवैध रूप से संचालित पाया गया। पानी की गुणवत्ता शून्य पाई गई।
टीम ने वाटर प्लांट की मशीन को सीज कर पानी का नमूना लिया। प्लांट से पुलिस ने नागेंद्र प्रसाद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। इसी मोहल्ले में पंकज सिंह के वाटर प्लांट पर मौजूद कर्मचारी प्लांट बंद कर फरार हो गए। इसके बाद टीम शहर के अन्य इलाकों में खुले वाटर प्लांट पर भी पहुंची, लेकिन सूचना लीक होने की वजह से अधिकांश बंद पाए गए। दोपहर बाद टीम शहर के गांधी नगर इलाके में पहुंची और एक आटा मिल पर छापा मारा। छापे के दौरान फैक्ट्री भी अवैध पाई गई। फैक्ट्री में बेसन व मसाला बनाने के साथ ही खुले तौर पर रसगुल्ला बेचा जा रहा था। टीम ने रसगुल्ला के साथ ही मटर का आटा, मसाला और बेसन का नमूना लेकर उसे जांच के लिए भेजा। फैक्ट्रीे चलाने वाली श्यामलता के खिलाफ टीम ने कार्रवाई की है। छापेमारी में खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीके शुक्ला, संजय कुमार यादव, रणधीर सिंह, उदयराज व राम सिंगार यादव मौजूद रहे।