किसानों ने सहायक आयुक्त निबंधन एवं सहकारिता के साथ ही सिंचाई कार्यालय का घेराव कर न सिर्फ शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की बल्कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन का अल्टीमेटम भी दिया।
सहायक आयुक्त निबंधन एवं सहकारिता की ओर से इस बार जामों और भादर विकास खंडों में स्थित अपने केंद्रों पर उर्वरक नहीं भेजा गया था। इससे किसानों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।
साथ ही धान की बेहन तैयार होने के बावजूद जिले की तकरीबन सभी नहरें सूखी पड़ी हैं। नहरों में पानी नहीं होने की वजह से किसानों को धान की रोपाई में परेशानी उठानी पड़ रही है।
दोनों विभागों की ओर से पैदा की गई इन समस्याओं से नाराज किसान गुरुवार को सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों की अगुवाई कर रहीं रीता सिंह ने कहा कि समस्याएं जल्द निस्तारित नहीं हुईं तो उनका उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।