खडुआन गांव में रविवार की रात रास्ते के विवाद ने तूल पकड़ लिया। पत्थरबाजी और मारपीट की सूचना के बाद पहुंचे एक दरोगा समेत तीन पुलिस कर्मियों की सपा नेता ने समर्थकों के साथ पिटाई कर दी। हालात इस तरह बिगड़ गए कि दरोगा को भीड़ में ही छोड़कर सिपाही फरार हो गए। हमलावरों ने पुलिस की बाइक भी क्षतिग्रस्त कर दी। पत्थरबाजी में दो महिलाओं समेत तीन लोग भी घायल हुए हैं। पुलिस ने सपा नेता समेत 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के खडुआन निवासी अमित वर्मा पुत्र राम केवल वर्मा का गांव के ही राम आसरे वर्मा से रास्ते को लेकर विवाद चल रहा है। शनिवार की रात विवादित भूखंड पर राम आसरे वर्मा दीवार का निर्माण करा रहे थे। तभी अमित वर्मा और उसकी पत्नी अंजू वर्मा व भाभी साधना वहां पहुंच गए। तीनों ने दीवार बनाने से राम आसरे को मना किया। इससे नाराज राम आसरे आदि ने तीनों की पिटाई कर दी। चीख-पुकार के बाद अमित के अन्य परिवारीजन दौड़े तो दोनों पक्षों की तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई।
सूचना पर दरोगा राम अनुज शुक्ला दो सिपाहियों के साथ बाइक से खडुआन गांव पहुंच गए। दरोगा और सिपाहियों ने मारपीट को रोकने की कोशिश की। इस बीच खडुआन गांव के ही सपा नेता सुनील गुप्ता भी समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए और दरोगा और सिपाहियों की पिटाई शुरू कर दी। दरोगा को भीड़ में फंसा देखकर दोनों सिपाही फरार हो गए। हमले में एक सिपाही की बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई है। सूचना पाते ही लंभुआ कोतवाली के प्रभारी समेत कई अन्य पुलिस भी गांव पहुंचे और दरोगा को बचाया।
इस बाबत कोतवाल भावनाथ चौधरी ने बताया कि पुलिस ने अमित वर्मा की तहरीर पर राम आसरे वर्मा, जितेंद्र, आदर्श, सपा नेता सुनील गुप्ता, प्रिंस, अमन व छह अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।