सुल्तानपुर। लखनऊ के हजरतगंज में अनियंत्रित वाहन की चपेट में आने से रैन बसेरे में सोए पांच लोगों की मौत के बाद भी स्थानीय प्रशासन अलर्ट नहीं हुआ। नगर पालिका की ओर से गोलाघाट में बनाया गया रैन बसेरा मुख्य मार्ग से सटा है। रोजाना यहां करीब 10 लोग रात गुजारते हैं। सुरक्षा के लिहाज से भी यहां कोई इंतजाम नहीं है।
मुख्य मार्ग के निकट बना अस्थाई रैन बसेरा
नगर पालिका की ओर से ठंड से बचाव को लेकर दो स्थाई व एक अस्थायी रैन बसेेरे का संचालन किया जा रहा है। स्थाई रैन बसेरा जिला अस्पताल व रेलवे स्टेशन रोड पर स्थित एक धर्मशाला में संचालित हो रहा है। अस्थाई रैन बसेरा बीते नवंबर माह में शहर के गोलाघाट मोहल्ले में फैजाबाद रोड पर सड़कके किनारे बनाया गया है। यहां सड़क किनारे टेंट लगाकर चारपाई, रजाई व गद्दे नगर पालिका की ओर से रखवाए गए हैं। नगर पालिका के अधिकारियों के मुताबिक यहां पर 10 लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है।
रैन बसेरे के सामने लगतीं वाहनों की कतार
शहर के गोलाघाट चौराहे के निकट बने अस्थाई रैन बसेरे में लोगों के रुकने और सोने के प्रबंध तो हैं, लेकिन यहां सुरक्षा के लिहाज से कोई इंतजाम नहीं है। दिन के अलावा रात में भी वाहनों का आवागमन यहां से होता रहता है। यह रैन बसेरा मुख्य मार्ग से एकदम सटा हुआ है। रैन बसेरे के सामने लोग वाहन खड़ा कर देते हैं। ठीक इसी के बगल यातायात सुरक्षा को लेकर पुलिस बूथ भी बनाया गया है। यहां पर वाहनों का प्रवेश निषेध है। बावजूद इसके डग्गामार वाहनों की यहां पर कतार लगी रहती है।