सुल्तानपुर। बहू के साथ दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शुक्रवार को आरोपी ससुर को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने रेप के आरोपी ससुर पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। जुर्माना की धनराशि में 25 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति पीड़िता को मिलेगी। मामला कोतवाली नगर क्षेत्र से जुड़ा है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक कोतवाली नगर के एक गांव की विवाहिता के साथ 14 सितंबर 2011 को घर में ही उसके ससुर सगीर खां ने दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने घटना की सूचना कोतवाली नगर व महिला थाने में दी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा नहीं दर्ज किया था तब पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से फरियाद की।
एसपी के आदेश पर घटना के दूसरे दिन आरोपी सगीर खां के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर सरकारी वकील अच्छेराम यादव ने घटना को साबित करने के लिए कोर्ट में पीड़िता समेत छह गवाहों को पेश किया। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश जमाल मसूद अब्बासी ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद शुक्रवार को आरोपी ससुर सगीर खां को दुष्कर्म करने का दोषी करार दिया।
न्यायाधीश ने आरोपी सगीर खां को 10 वर्ष के कठोर कारावास व 30 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जुर्माना की धनराशि में से 25 हजार रुपये पीड़िता को दिलाए जाने का आदेश दिया है। जुर्माना नहीं देने पर आरोपी को एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।